सच के बराबर कोई दूसरा तप नहीं : अनिल शास्त्री
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र ।
तपस्या का महत्व और धर्म को बचाने के लिए भगवान का अवतार लेना, इस पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालकर कथावाचक अनिल शास्त्री ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नॉन टीचिंग क्लब सभागार में तीसरे दिन उन्होंने भक्त ध्रुव और प्रह्लाद की तपस्या, नृसिंह, मत्स्य अवतार और गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाई। प्रसंगों में उन्होंने कहा कि सच के बराबर दुनिया में कोई दूसरा तप नहीं है।
प्रवचन में कहा कि आज के भौतिकवादी युग में लोगों में परस्पर ईर्ष्या, द्वेष, क्रोध और एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी रहती है। इससे मनुष्य कभी भी तरक्की नहीं कर सकता। झूठा आदमी सच से घबराता है कि कहीं उसकी पोल न खुल जाए। सच की राह पर चलना कठिन कार्य है। झूठ कुछ समय के लिए होता है। सच हमेशा मौजूद रहता और इसे आज तक कोई नहीं छिपा सका। संतों ने कहा कि सच के बराबर कोई दूसरा तप नहीं है। कथा के बीच-बीच में सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भागवत आरती में आचार्य श्रीकांत तिवारी, चिकित्साधिकारी डॉ. पी. कुमार, मदनगोपाल शर्मा, मदन कुमार रंगा, महेंद्र सिंह, दिनेश चंद्र, रत्नलाल गुप्ता, डॉ. दिनेश दहिया, डॉ. रीटा दहिया, डॉ. महेंद्र चांद, डॉ. संतोष दुबे, डॉ. वी.प्रसाद, डॉ. जया दारूंड़े, डॉ. रीटा दलाल, डॉ. नरेश दलाल, डॉ. जितेंद्र शर्मा, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. अनिता दुबे, डॉ. मुकेश, ज्ञान्ती देवी, रीना चौधरी, उमा रानी, भरतो देवी, शोभा रावत आदि शामिल रहे।