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मिसाइल का वजन और मारक क्षमता बढ़ाने के लिये तैयार हो रहा अग्नि मिसाइल का एडवांस वर्जन-Cordination

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अग्नि मिसाइल का एडवांस वर्जन होगा ज्यादा घातक
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-डीआरडीओ के वैज्ञानिक डॉ. वीवी राव की निगरानी में चल रहा काम
-वजन के साथ मारक क्षमता का भी होगा विस्तार, पूरी तरह होगी स्वदेशी तकनीक
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। अब स्वदेशी सामग्री एवं तकनीक से अग्नि मिसाइल की ताकत और मारक क्षमता में इजाफा होगा। देश की सामरिक आवश्यकता को और अधिक मजबूती देने के लिए इस दिशा में हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीओ) में इस पर कार्य हो रहा है। यह जानकारी डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अग्नि मिसाइल परियोजना के निदेशक डॉ. वीवी राव ने दी।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए डॉ. वीवी राव ने न्यू फ्रंटीर्यस इन इंजीनियरिंग साइंस एेंड टेक्नॉलाजी विषय पर अपने व्याख्यान में बताया कि डीआरडीओ अग्नि मिसाइल का अगला रूप तैयार करने में जुटा है। इसकी विशेषता मिसाइल में उपयोग की जा रही विशुद्ध स्वदेशी तकनीक होगी। इसके इस्तेमाल से न केवल मिसाइल पर खर्च होने वाली लागत कम होगी बल्कि स्वदेशी सामग्री के इस्तेमाल के बाद अग्नि मिसाइल का वजन कम करके मारक क्षमता को भी बढ़ाया जा सकेगा। डॉ. राव का मानना है कि मिसाइल का वजन कम करने और मेकेनिकल प्रॉपर्टीज अच्छी होने से मिसाइल की कार्यक्षमता बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले जो ड्राइव चलाते थे, उसमें हाइड्रोलिक और न्यूमेटिक रहता था, लेकिन अब इसे इलेक्ट्रो मेकेनिकल ड्राइव पर तैयार किया जा रहा है ।
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मिसाइल के मोटर्स
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डॉ. राव के अनुसार मिसाइल मोटर्स में पहले मैटेलिक एलॉय होते थे, लेकिन अब कंपोजिट होंगे। पहले मैटल के एलॉय ही उपयोग होते थे, लेकिन अब कंपोजिट प्रापर्टी से मिसाइल का वजन कम होगा। इससे मारक क्षमता में इजाफा होगा। इस तरह की स्वदेशी सामग्री से सबसे पड़ा लाभ मिसाइल बनाने पर होने खर्च को कम करने में सहायक होगा।
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