इस्माईलाबाद। कस्बावासियों को ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनने के लिए अभी तीन साल का इंतजार और करना पड़ेगा। इसका कारण पंचायत की आपत्ति के बाद सीएम का म्यूनिसिपल कमेटी के संविधान के मुद्दे को स्थगित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना है। इससे पहले ग्राम पंचायत ने सात नवंबर 2016 को प्रस्ताव पारित कर नगरपालिका बनाने की मांग की थी।
इस प्रस्ताव को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 17 दिसंबर को पिहोवा रैली के दौरान कस्बे को नगरपालिका बनाने की घोषणा की थी। यही नहीं इसके बाद सीएम ने 2 करोड़ रुपये का फंड भी मंजूर किया था। इसके बाद एचआरडीएफ स्कीम के तहत करीब 50 लाख भी जारी किए थे। जिला उपायुक्त ने 14 सितंबर 2017 प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर आपत्तियां व सुझाव मांगे थे, जिससे कस्बा वासियों में कस्बा को नगरपालिका बनने की खुशी की लहर छा गई थी, लेकिन इस अधिसूचना के बाद ग्राम पंचायत से नगरपालिका बनने पर आपत्ति जता दी थी। ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर डीसी को भेजा था कि ग्राम पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही कस्बे को नगरपालिका बनाया जाए। डीसी कार्यालय से ग्राम पंचायत की इस आपत्ति को सीएम के पास भेज दिया था। जहां पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ग्राम पंचायत की आपत्ति को स्वीकार कर कस्बे को नगरपालिका बनाने का प्रस्ताव फरवरी 2021 तक स्थगित कर दिया है।
पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद होगा नगरपालिका का चुनाव : सरपंच
गांव के सरपंच संजीव अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव पारित कर मांग की थी कि पंचायत का कार्यकाल पूरा करने के बाद ही कस्बा को नगरपालिका बनाए जाए, ताकि जनता पर नगरपालिका के चुनाव का भार न पड़े। इस पर उनकी मांग को मान लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब ग्राम पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही नगरपालिका का चुनाव होगा।
अभी नगरपालिका बनाए जाने के नहीं मिले आदेश : डीडीपीओ
डीडीपीओ कपिल शर्मा ने कहा कि कुछ समय पहले कस्बा को नगरपालिका बनाने का मुद्दा सामने आया था, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा आपत्ति जताने के बाद कस्बा को नगरपालिका बनाने कार्य रोक दिया गया है। अभी कस्बे को नगरपालिका बनाने के कोई आदेश नहीं आए है। सरपंच कार्यकाल पूरा होने के बाद ही कस्बा को नगरपालिका बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।