मांगों के समर्थन में करीब 1900 आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों ने दी गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स शनिवार को भी सड़कों पर उतरीं और प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 1900 आंदोलनकारी महिलाओं ने सामूहिक गिरफ्तारी दी। इन सभी को पुलिस नए बस अड्डे के समीप से रोडवेज बसों में भरकर पुलिस लाइन में ले गई। वहां भी करीब तीन घंटे तक आंदोलनकारी महिलाओं ने नारेबाजी की। साथ ही थालियां पीटकर रोष व्यक्त किया। इसके बाद प्रशासन की ओर से उनकी सामूहिक गिरफ्तारी और उसके बाद रिहाई की घोषणा कर दी गई। इस पर सभी अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो र्गइं। इससे पहले उन्होंने ऐलान किया गया कि मांगें माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा और सरकार के साथ शुरू की गई यह लड़ाई आर-पार की होगी।
बता दें कि 12 फरवरी से जिले भर की आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स प्रदर्शन कर अपनी मांगें पूरी करने की मांग का रही हैं। इसी के तहत शनिवार को 13वें दिन सभी आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स नए बस अड्डे के समीप ताज पार्क में एकत्रित हुईं। यहां पर उन्होंने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद यूनियन के प्रदेश पदाधिकारियों के निर्देश पर महिला कर्मियों ने ज्ञापन लेने आए नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और यूनियन की प्रधान परमजीत और जिला सचिव कलावती ने सामूहिक गिरफ्तारियां देने का एलान किया। कुछ देर बाद प्रशासन की ओर से मौके पर ही हरियाणा रोडवेज की बसों की व्यवस्था की गई। इनसे सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया। इससे पहले ये महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। इस वजह से बस अड़डे के समीप जाम की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में वाहन इसमें फंस गए। सूचना पर एसएचओ सिटी प्रतीक मौके पर पहुंचे, लेकिन वह भी यातायात सुचारु करवाने में असफल रहे। आंदोलनकारी महिलाओं के रोडवेज बसों में सवार होने के बाद ही जाम खुल सका। पुलिस लाइन में जाने के बाद भी आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर्स नारेबाजी करती रहीं। उन्होंने नारों के साथ ही गीतों के माध्यम से भी सरकार की नीतियों पर तंज कसा। यूनियन नेत्रियों ने भाजपा सरकार को महिला विरोधी बताया। कहा कि प्रदेश की महिलाएं पिछले 13 दिनों से सड़कों पर हैं और मुख्यमंत्री उत्सवों में भाग लेने में व्यस्त हैं। उन्होंने ठान लिया है कि वे अपना हक लेकर ही रहेंगी। इसके लिए वह बार-बार जेल जाने के लिए भी तैयार हैं। करीब तीन घंटे बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर पहुंचे नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह ने मंच से सामूहिक गिरफ्तारी और रिहाई का ऐलान किया। इसके बाद यूनियन नेत्रियों ने आंदोलन लगातार जारी रखने का ऐलान करते हुए प्रदर्शन समाप्त कर दिया और सभी अपने घरों के लिए रवाना हो गईं। इससे पहले आंदोलनकारी महिलाओं को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता परमजीत, बलजीत, निर्मला, जन संघर्ष मंच की उषा ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार महिलाओं को सड़कों पर बैठते हुए देख रही है। इस मौके पर सुशीला, परमिंद्र, अरुणा, पूनम, सरोज, सोनी सहित सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर और मदर गुंप की महिलाएं मौजूद रहीं। इस दौरान पुख्ता प्रबंधों के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
सरकार तक पहुंचाएंगे मांगे : परमिंद्र
नायब तहसीलदार परमिंद्र सिंह को आंदोलनकारी महिलाओं ने पुलिस लाइन में ही ज्ञापन सौंपा। इस पर उन्होंने कहा कि वह उनकी मांगों को सरकार तक अवश्य ही पहुंचाएंगे। उन्होंने बातचीत में बताया कि करीब 1900 आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर ने उनके समक्ष सामूहिक गिरफ्तारी दी है। इन्हें बाद में रिहा कर दिया गया है।