जीरो बजट खेती से होगी किसान की आय दोगुनी : देवव्रत
अमर उजाला ब्यूरो
बाबैन।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा खेती में रासायनिक खाद, दवाइयों का प्रयोग कर और फसलों के अवशेषों को जलाकर मानव ने अपने जीवन को मुश्किल में डाल लिया है। कृषि वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार हमारे खान-पान और हवा में जहर मिल चुका है। मानव जाति को इस संकट से बचने के लिए जीरो बजट प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा। इससे किसानों की आय भी दोगुनी होगी।
उन्होंने कहा कि जीरो बजट प्राकृतिक खेती को देश भर में लगभग 40 लाख किसान अपना चुके हैं। वह दिन दूर नहीं, जब किसान खेती में यूरिया, डीएपी, खाद और दवाइयों का उपयोग बंद कर देंगे। आचार्य देवव्रत गांव नरायणगढ़ माजरी में साहब सिंह के निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश भर में जीरो बजट खेती को बढ़ावा देने के प्रति गंभीर है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकेगीद्घ देशवासियों के लिए शुद्ध खान पान प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के गुरुकुल में 19 मार्च से 24 मार्च तक जीरो बजट खेती पर छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानव समाज में बढ़ रही कैंसर, डायबिटीज और हृदय से संबंधित बीमारियों का मुख्य कारण खाद्यान्न में रासयानिक उर्वरकों का बेजा इस्तेमाल है। इस मौके पर साहब सिंह, डॉ. हरिओम, गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सैनी, जगदीश सिंह, गुरचरण सिंह, नरंजन सिंह, जसबीर सिंह, रामचंद्र सिंह, डॉ. देवराज, रणधीर चहल, थाना प्रभारी छोटूराम आदि मौजूद रहे।