जीर्णोद्धार के पौने दो साल बाद भी चिड़ियाघर में नहीं पार्किंग, परेशान होते हैं पर्यटक
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पिपली जीटी रोड स्थित लघु चिड़ियाघर के अप्रैल 2016 में जीर्णोद्धार के बाद से अब तक प्रशासनिक अमला यहां स्थाई पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर सका है। जीर्णोद्घार पर दो करोड़ से भी अधिक खर्च करने के बाद भी चिड़ियाघर में व्याप्त अव्यवस्थाएं अधिकारियों की कार्यप्रणाली को चुनौती दे रहे हैं। बड़ी बात ये है कि चिड़ियाघर परिसर में मेन गेट से एंट्री करते ही पार्किंग की बहुत सी जगह टेंडर न होने की वजह से खाली पड़ी है। इसके चलते रोजाना आने वाले सैकड़ों पर्यटक अपने दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहनों को बाहर अपने रिस्क पर खड़ा करने के लिए मजबूर हैं।
रविवार को अवकाश के दौरान यह समस्या अधिक विकराल हो जाती है। छुट्टी के दिन चिड़ियाघर गेट के सामने कच्चे क्षेत्र में बड़ी संख्या में वाहन जमा होने के बाद अन्य वाहन पार्क करने की जगह न रहने पर जीटी रोड तक गाड़ियां पार्क होने लगती हैं। खासकर चार पहिया वाहन चालक जीटी रोड पर करीब एक किलोमीटर दूर तक गाड़ियां खड़ी करने के लिए मजबूर होते हैं।
वाहन अपने रिस्क पर खड़ा करना पड़ता है : सिल्लू
कुरुक्षेत्र के गांव फतुहपुर निवासी सिल्लू ने कहा कि कई बार चिड़ियाघर आ चुके हैं, लेकिन हर बार गाड़ी अपने रिस्क पर ही बाहर खड़ी करनी पड़ती है। चिड़ियाघर के अधिकारियों को पर्यटकों के कीमती वाहनों की सुरक्षा का प्रबंध करने के लिए स्थाई पार्किंग बनानी चाहिए। रोड पर कोई वाहन कब गाड़ियों को टक्कर मार दे, इसका पता नहीं होता।
चिड़ियाघर में पड़ी खाली जगह पर बनाएं स्थाई पार्किंग : ओम प्रकाश
गांव सिरसमा वासी वरिष्ठ नागरिक ओम प्रकाश ने बताया कि इतने बड़े सरकारी चिड़ियाघर में पार्किंग न होना दुर्भाग्य की बात है। अधिकारियों को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। चिड़ियाघर के अधिकारियों के साथ-साथ जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह पिपली चिड़ियाघर के अंदर खाली पड़ी जगह में स्थाई पार्किंग बनाए।
अपने रिस्क पर पार्क करने का बोर्ड देखकर रोमांच हो जाता गायब : संदीप
पानीपत से आए संदीप ने बताया कि इतनी दूर से वन्य जीवों को देखने के लिए यहां आए थे। लेकिन, यहां गाड़ी अपने रिस्क पर पार्क करने का बोर्ड देखकर सारा रोमांच गायब हो गया। ऐसे में चिड़ियाघर में प्रवेश कर जंगली जानवरों को देखें या बाहर बार-बार वाहन पर नजर रखने के लिए चक्कर लगाते रहें। चिड़ियाघर के अधिकारियों को यहां वाहन पार्क करने की सही व्यवस्था करनी चाहिए।
चिड़ियाघर के बाहर वाहन चोरी होने का डर : गोयल
कुरुक्षेत्र सेक्टर-3 निवासी सुशील गोयल ने कहा कि पर्यटकों के माध्यम से चिड़ियाघर एवं वन विभाग को रोज हजारों का राजस्व मिलता है, लेकिन उन्हीं वन्य जीव प्रेमियों के लिए यहां स्थाई पार्किंग न होना चिंताजनक है। बाहर वाहन पार्क करने से चोरी का डर बना रहता है। अधिकारियों को इस बारे में संज्ञान लेते हुए पार्किंग की व्यवस्था करनी चाहिए।
पर्यटकों की समस्या जायज, उच्च अधिकारियों को करेंगे सूचित : तेजबीर
पिपली जीटी रोड स्थित लघु चिड़ियाघर के प्रभारी उप निरीक्षक तेजबीर सिंह ने कहा कि फिलहाल यहां स्थाई पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। पर्यटकों की अपने रिस्क पर वाहन पार्क करने की समस्या जायज है, लेकिन वह अपने स्तर पर स्थायी पार्किंग की व्यवस्था नहीं कर सकते। इसके लिए चिड़ियाघर में पार्किंग के टेंडर करने के संबंध में उच्च अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। उन्हीं के निर्देश पर स्थाई पार्किंग के लिए कदम उठाए जाएंगे।
एक एकड़ जगह में जल्द जारी करेंगे पार्किंग संबंधी टेंडर : शिव सिंह
डिवीजन वाईल्ड लाइफ ऑफिसर शिव सिंह ने स्वीकार किया कि पिपली जीटी रोड पर वाहन पार्क करने की बड़ी समस्या बड़ी गंभीर है। इसके लिए जल्द ही लघु चिडिय़ाघर के निकट फोरेस्ट की करीब एक एकड़ अतिरिक्त जगह में खासतौर पर पार्किंग व्यवस्था करने संबंधी टेंडर करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सड़कों पर गाड़ियां न खड़ी हों, इसलिए जरूरत पडने पर चिडिय़ाघर मेन गेट के अंदर की जगह में भी पार्किंग करने के निर्देेश दिए जाएंगे।