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शिल्पकारों को परोसे जा रहे भोजन पर उबाल

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शिल्पकारों को परोसे जा रहे भोजन पर उबाल
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शिल्पकारों को परोसे जा रहे भोजन की वजह से वे रोजाना बीमार पड़ रहे हैं। शिल्पकारों ने आरोप लगाया कि भोजन की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसे जानवर भी नहीं खा सकते। मेले में बुलाए गए शिल्पकारों में से 150 से अधिक ने हस्ताक्षर कर भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग प्रशासन से की है। इन्होंने आरोप लगाया कि रोजाना कोई न कोई शिल्पकार इस भोजन से बीमार पड़ रहा है।
जयपुर से आये शिल्पकार संजीव बंसल ने बताया कि मेले में स्टाल नंबर 129 उनकी है। 17 नवंबर से शिल्प मेला शुरू हो चुका है और पहले ही दिन से भोजन की गुणवत्ता को लेकर वह लगातार केडीबी दफ्तर में शिकायत कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी नहीं सुनी जा रही। इसलिए उन्होंने वीरवार को सभी शिल्पकारों के हस्ताक्षर कराए हैं। अभी तक 150 से अधिक शिल्पकार हस्ताक्षर कर चुके हैं। इन सभी ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। कई शिल्पकार मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए और भोजन स्थल पर जाकर व्यवस्था का मुआयना करने की अपील की। इन्होंने बताया कि वह 10 वर्षों से इस मेले में स्टाल लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन जैसा भोजन इस बार परोस रहा है, वैसा पहले कभी नहीं परोसा गया। डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि भोजन को लेकर शिकायत मिली है, लेकिन यह मामला प्रायोजित दिख रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की जांच कराएंगी। उनके मुताबिक प्रतिदिन खाने की जांच के लिए टीमें गठित की गई हैं।
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मैं और मेरी पत्नी हो चुकी है इस खाने से बीमार : घोष
कोलकाता से आए शिल्पकार शैमूल घोष ने बताया कि क्राफ्ट मेले में उनके अलावा उनकी पत्नी भी आई हैं। पिछले छह दिन में भोजन की वजह से दोनों बीमार हो चुके हैं। शिल्पकार घोष का आरोप था कि उन्हें इससे पहले कुरुक्षेत्र के गीता जयंती उत्सव में ऐसा भोजन कभी नहीं परोसा गया।

भोजन करने से कतरा रहे हैं शिल्पकार
अनीता वर्मा ने बताया कि इस शिल्प मेले में उनकी ज्वेलरी की स्टाल है। उन्होंने कहा कि भोजन की क्वालिटी अच्छी नहीं है। शिकायत करने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा। मेले में कई शिल्पकारों की तबीयत खराब हो चुकी है। अधिकांश शिल्पकार भोजन करने से कतरा रहे हैं।
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ठेकेदार रामजीदास गुलाटी और अक्षय गुलाटी की प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शिल्पकार और कलाकारों के भोजन का टेंडर अंबाला निवासी रामजी दास गुलाटी और अक्षय गुलाटी के पास है। इन्होंने बताया कि जिन लोगों को भोजन का ठेका नहीं मिला, यह उनकी शरारत है। जब उन्हें बताया कि यह किसी ठेकेदार की नहीं, बल्कि क्राफ्ट में आए 150 से ज्यादा शिल्पकारों की शिकायत है। ठेकेदार के मुताबिक शिल्पकारों को नि:शुल्क भोजन परोसा जा रहा है। उन्हें ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर परोसने के लिए प्रति व्यक्ति 111 रुपये मेला प्रशासन देगा।
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