भाकियू ने शुरू किया खेती छोड़ो-जेल भरो आंदोलन : मान
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन सिंह मान ने कहा कि भाकियू ने यमुनानगर से खेती छोड़ो-जेल चलो आंदोलन शुरू कर दिया है। यदि किसानों पर जुर्माना लगाया गया तो वे इसे अदा न करें, बल्कि जेल जाने के लिए तैयार रहें। सरकार तुगलकी फरमान जारी कर किसानों को बर्बाद करने पर तुली है। सरकार के इन मनसूंबों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नौ अक्तूबर को सुबह 10 बजे कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिले के किसान एकत्रित होकर लाडवा की सड़कों पर धान के बचे अवशेष आदि डालकर विरोध करेंगे। उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन में किसानों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील भी की। रतन सिंह मान वीरवार को किसान विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान जुर्माना अदा न करें। किसान जानबूझकर धान के अवशेष और फाने नहीं जलाते। मजबूरन उनको ऐसा करना पड़ता है। यदि सरकार को किसानों को इन फानों और अवशेषों को जलाने से रोकते हैं तो सरकार किसानों को इसके लिए अनुदान दे। जुर्माना लगाने से इसका समाधान नहीं होगा। छोटी काश्त होने के कारण किसान पहले ही घाटे में है। अब ऐसे तुगलकी फरमान जारी कर किसानों को कंगाल करने पर तुले हैं। उन्होंने कहा कि किसान सरकार को खेतों में से फ्री में पराली और बचे हुए अवशेष उठाने में सरकार का सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार धान की रोपाई पर ही पूर्ण प्रतिबंध लगा दें, ताकि किसान धान की रोपाई ही नहीं कर सके। न धान होगी न धान की बची हुई पराली और अवशेष। इस अवसर पर उनके साथ अजीत सिंह भूतमाजरा, मदन पाल बपदा, मैनपाल बूढ़ा, मामचंद बदरपुर, राजपाल बपदा, मामचंद बपदी, धर्म सिह बपदा, प्रदीप सिह बडौंदा, प्रेम सिह बूढ़ा, कर्म सिह बूढ़ा, प्रेम सिह जैनपुर, ईश्वर सिंह बन आदि उपस्थित थे।