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चाईनीज राखियों का किया बहिष्कार, स्वदेशी को राखियों को अपनाया

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चीन में बनी राखियों को दुत्कार और मोदी राखी को प्यार
-राखियों पर लिखा है देश का हीरो नरेंद्र मोदी
दीक्षांत वासु
कुरुक्षेत्र।
राखी पड़ोसी देश चीन का ना हो, इसके प्रति कुछ संगठन ही नहीं, बल्कि सामान्य दुकानदार भी इसके प्रति सतर्क हैं। पिछले कुछ समय में चीन की हरकतों से बाजार का मिजाज भी बदला हुआ दिख रहा है। जहां कुछ संगठन अपने सदस्यों को बाकायदा शपथ दिला कर यह ऐलान कर रहे हैं कि वे चीन में बनी राखियों को रक्षाबंधन पर अपनी कलाई पर नहीं बंधवाएंगे, वहीं दुकानदारों का कहना है कि इस बार उन्होंने भी चीन में बनी राखियों की जगह स्वदेशी राखियों की बिक्री करना ही मुनासिब समझा है। जाहिर है कि जीएसटी की वजह से मार्केट पर तगड़ा असर दिख रहा था,लेकिन रक्षाबंधन के पवित्र पर्व की खरीददारी के दौरान यह असर कुछ गायब दिख रहा है। मार्केट में चहल-पहल के साथ खरीदारी जारी है। जहां चीन में बनी राखियों से दूरी अपनाई गई है,पहली बार बाजार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र वाली राखियां छायी हुई हैं। इन राखियों पर देश का हीरो नरेंद्र मोदी लिखा है। दुकानदारों की मानें तो इन राखियों की अच्छी मांग है। इसके अलावा रेशम के तागे से लेकर स्टोन, जरकन, कुंदन, चंदन , लेडिज राखी, ब्रेसलेट की राखियां बाजार में उपलब्ध है।
बाजार में राखियां की कीमत 10 से लेकर 150 तक उपलब्ध है। शहर के मुख्य बाजार में इस बार ब्रेसलेट राखी को क्रेज चल रहा है, जिसके कारण दुकानदार ब्रेसलेट वाली राखी अधिक ले कर आए हैं। बाजार में बच्चों के लिए भी विभिन्न प्रकार की राखियां आई हैं, जिसको लेकर बच्चे काफी उत्साहित हैं। छोटा भीम, बेन टेन, डोरेमोन, स्पाइडरमैन व अन्य राखियां आई हैं। बाजार में पूजा के लिए भी विशेष थालियां उपलब्ध हैं जो 150 से 200 के बीच बाजार में मिल रही हैं। इसमें पूजा की सामग्री तक उपलब्ध है। बहनें इस बार चांदी की राखियां भी खूब खरीद रही हैं। इसकी कीमत 500 से 2000 तक है।
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चाइनीज राखियों का किया बहिष्कार
दुकानदार राजीव ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन का पवित्र त्योहार है। मार्केट के सभी दुकानदारों ने इस बार चाइनीज राखियों का बहिष्कार कर स्वदेशी राखियों को अपनाया है। इसका फायदा देश के साथ छोटे व्यापारियों को भी होगा जो राखियों को बनाते है। इसके साथ ही मार्केट के दुकानदारों ने कसम खाई कि चाइना के माल को कभी उपयोग नहीं करेंगे व स्वदेशी माल को खरीद कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का वादा किया है।

पहली बार आई पीएम मोदी की राखी
दुकानदार श्याम सुंदर का कहना है कि मोदी की लहर का असर अब राखियों पर भी देखने को मिल रहा है। मार्केट में पहली बार पीएम मोदी की राखी आई है,जिसकी मार्केट में काफी मांग है। लोग मोदी की राखियों को पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मांग इतनी ज्यादा है कि मोदी की राखी की किल्लत पड़ रही है।

आनलाइन राखियों की वजह से काम प्रभावित
शहर के मुख्य बाजार में स्थित दुकानदार भरत ने बताया कि पिछले कुछ सालों से लोग आनलाइन सामान अधिक खरीद रहे हैं। इस साल लोगों में ऑनलाइन राखी खरीदने का चलन शुरू हो गया है। इस कारण लोग बाजार में राखियां खरीदने नहीं आ रहे हैं और दुकानदारों की राखियां बिक नहीं रही है। ऑनलाइन राखियों के बिकने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इन्होंने ली शपथ
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की बैठक महासभा के उपाध्यक्ष प्रहलाद भगत शर्मा ने सभी सदस्यों ने शपथ दिलाई है कि वे रक्षाबंधन पर चीन में बनी राखियों को अपनी कलाई पर नहीं सजाएंगे और अपने साथियों और रिश्तेदारों को भी ऐसा करने से रोकेंगे। उन्होंने बताया कि यह शपथ सिर्फ राखी तक सीमित नहीं रखी गई है। इसके अलावा अन्य त्यौहारों पर भी चीन से निर्मित सामान से दूरी अपनाने की शपथ दिलाई गई है। महासभा के उपाध्यक्ष के मुताबिक आज मास्टर नरेश शर्मा, बलविंद्र नैन, नत्था राम, देसराज, प्रेम प्रकाश, बलदेव शर्मा, राजीव शर्मा, गौरव शर्मा, वकील अनिल कुमार शर्मा आदि ने यह शपथ ली है।
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