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45 लाख रूपये पर नगर परिषद ने मारी कुंडली

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45 लाख रुपये पर नगर परिषद ने मारी कुंडली
-साढ़े तीन माह पहले पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़कों के लिए जमा करवाई थी राशि
-सीवेज डालने के लिए तोड़ी गई थीं कई सड़कें, सड़कों की नहीं हो पाई आज तक मरम्मत
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
शहर के लोगों को सीवेज सुविधा कब तक मिल पाएगी यह कहना आसान नहीं है, लेकिन इसके लिए तोड़ी गई सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब अवश्य ही बन गई है। विभागों के आपसी तालमेल की कमी के साथ-साथ सुस्त कार्रवाई के चलते लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं तो वहीं सरकार की ओर से इन सड़कों के लिए जारी की जा रही राशि भी लैप्स होने की संभावना बनती जा रही है। यहां तक कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से इन सड़कों के लिए जमा करवाई गई 45 लाख रुपये से अधिक की राशि पर नगर परिषद ने कुंडली मार ली है। हालांकि शहर की अधिकतर सड़कों का यही हाल है लेकिन पिपली रोड से लेकर जिला सचिवालय व डीसी निवास एवं कैलाश नगर और सुंदरपुर तक के लिए तोड़ी गई सड़कों को दुरुस्त करने के लिए डाले गए रोडे़ व बने गड्ढे ही लोगों का स्वागत कर रहे हैं। करीब 8 माह पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने इस सड़क से मेन सीवेज लाइन बिछाने के लिए तोड़ा था। हालांकि सुंदरपुर के क्षेत्र में अभी भी यह पाइप लाइन बिछाने का कार्य कछुआ चाल से चल रहा है लेकिन इससे पहले करीब माह से पाइप लाइन डाले जाने के बावजूद आज तक सड़कें दुरुस्त नहीं हो पाई हैं।

वीआईपी सड़क, फिर भी...
इस सड़क को वीआईपी सड़क भी कहा जाता है। यहां जिला सचिवालय, जिला खेल स्टेडियम, पंचायत भवन, डीसी व एसपी सहित विभिन्न अधिकारियों एवं अधिकतर न्यायाधीश के निवास के साथ-साथ बैंक व शैक्षणिक संस्थान भी इसी सड़क पर है। यही सड़क पिपली रोड को 100 फुटा रोड से भी जोड़ती है। इसके बावजूद अधिकारी इस सड़क को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और पूरे शहर भर में यह चर्चा का विषय बनी है। इन सभी संस्थानों आदि के चलते इन सड़कों से हर रोज हजारों लोगों का रोजाना आना-जाना होता है तो वहीं लगभग सभी अधिकारी भी यहीं से हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं।
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डीसी आवास के बाहर कर दी लीपापोती
नगर परिषद के अधीन आने वाली इस सड़क पर पड़ने वाले डीसी आवास के बाहर सड़क को जैसे ही सीवेज पाइप लाइन डाली गई, तत्काल ही लीपापोती कर दुरुस्त कर दिया गया, लेकिन बाकी सड़कों की करीब 3 माह बाद भी कोई सुध लेने वाला नहीं है।

नगर परिषद को जमा करवाए 45 लाख : खंडूजा
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन अशोक खंडूजा का कहना है कि विभाग की ओर से जहां अधिकतर क्षेत्र में तीन माह से अधिक समय पहले सीवेज पाइप लाइन डाल दी गई तो वहीं उसी दौरान नगर परिषद को 45 लाख रुपये की राशि भी जमा करवा दी। इसके साथ ही अगली राशि के लिए भी कहा गया है, लेकिन परिषद ने आज तक उनसे कोई संपर्क स्थापित नहीं किया है। सड़क क्यों नहीं बनाई जा रही, यह वे भी नहीं समझ पा रहे है।

डीसी की अप्रूवल पर अटका कार्य : ईओ
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि इन सड़कों का कार्य शुरू करने का प्रस्ताव डीसी के पास भेजा हुआ है, जहां से आज तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। पहले डीसी सुमेधा कटारिया के पास मामला था, जो लंबी छुट्टियों पर है। अब एडीसी पार्थ गुप्ता के संज्ञान में मामला दिया जाएगा।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं : एडीसी
एडीसी पार्थ गुप्ता का कहना है कि यह मामला आज तक उनके संज्ञान में ही नहीं दिया गया है। इतनी व्यस्त सड़कों का कार्य इतना लंबा नहीं अटकना चाहिए। संबंधित अधिकारियों से इसकी जानकारी ली जाएगी ओर जल्द ही इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।
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