स्वास्थ्य विभाग, पंचायतों और नगर परिषद की लापरवाही से डेंगू थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक जिले में 56 डेंगू के केस पॉजीटिव मिले है। इससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग तो केवल फॉगिंग करता है, लेकिन गांवों और शहरों में फॉगिंग करने के लिए पंचायत और नगर परिषद द्वारा स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख कर कहा जाता है कि किस गांव या शहर की कॉलोनी में फॉगिंग करवानी है, लेकिन इस बार बहुत कम गांवों और शहर की कॉलोनियों में पेट्रोल की कमी का दुुखड़ा रोतेेेे हुए बहुत कम फॉगिंग हुई है। डेंगू के केसों की बढ़ती संख्या को इसे भी माना जा रहा है, लेकिन अब उपायुक्त के आदेश के बाद पूरे जिले में फॉगिंग करवाई जा रही है।
डेंगू के बचाव
कई भी पानी इकट्ठा न होने दें, यदि पानी को नहीं निकाल सकते तो उसमें कोई भी तेल डाल दे जिसे पानी में तेल की परत बन जाएगी और डेंगू का लारवा वहीं मर जाएगा। हर सात दिनों के बाद खड़े पानी मेें तेल डाल देना चाहिए। इसके अलावा एंटी लारवा की दवाई भी खड़े पानी में डाल सकते है। जिससे पानी में लारवा पैदा नहीं हो सकता है।
वर्जन
जिले में डेंगू के 56 केस पॉजीटिव मिले है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। उपायुक्त के आदेश पर पूरे जिले में फॉगिंग करवाई जा रही है।
डॉ. बीबी कक्कड़, कार्यवाहक नोडल अधिकारी, मलेरिया