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ऊना के कृषि विशेषज्ञों ने किया गुरुकुल का दौरा

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फोटो नंबर - 1
कम लागत पर प्राकृतिक कृषि के सीखे गुर
-हिमाचल प्रदेश के ऊना के कृषि विशेषज्ञों ने किया गुरुकुल का दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से कई कृषि विशेषज्ञों एवं किसानों ने गुरुकुल के कम लागत प्राकृतिक कृषि फार्म सहित विभिन्न प्रकल्पों का दौरा किया। डॉ. रविंद्र के नेतृत्व में डॉ. भीमसेन, डॉ. प्रियंका, मनोहर लाल, मनजीत सिंह, परमल ठाकुर, आर्यन सिंह, सुशील, रीटा शर्मा, अंजू शर्मा सहित लगभग 100 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल का गुरुकुल में पहुंचने पर प्रधान कुलवंत सिंह सैनी, सहप्राचार्य शमशेर सिंह ने स्वागत किया।
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प्रधान कुलवंत सिंह सैनी ने कहा कि रासायनिक खेती ने किसान को बर्बाद कर दिया है। इससे किसान को न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि यूरिया एवं पेस्टीसाइड, डीएपी के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ भूमि का जलस्तर गिरता जा रहा है और मित्र जीव भी समाप्त हो गये हैं जिस कारण पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन सारी समस्याओं से बचने का केवल एक ही उपाय है कम लागत प्राकृतिक खेती। उन्होंने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्रतिपादित कम लागत प्राकृतिक कृषि ही एक ऐसा विकल्प है, जोकि देश के किसानों को न केवल आर्थिक रूप से सबल बना सकता बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के लिए भी आदर्श बन सकता है। पूरे देश में प्राकृतिक कृषि की इस तकनीक को अपनाया जाएगा। सहप्राचार्य एवं फार्म मैनेजर गुरदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल में आए सभी किसानों को गुरुकुल का भ्रमण कराया। उन्होंने फार्म पर खड़ी गन्ना, गेहूं एवं सब्जियों की फसलों को देखा और आश्वासन दिया वे कम लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल को अपनाएंगे। जहां तक संभव होगा, लागू कराने का भी प्रयास करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर कम लागत प्राकृतिक खेती के लिए जीवामृत, घनजीवामृत एवं अन्य उपयोगी उत्पादों में अपनी रूचि व्यक्त की।
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