फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केयू परीक्षा शाखा के कर्मी की बदसलूकी पर भड़के विद्यार्थी, अधीक्षक सहित कर्मचारियों को बनाया बंधक

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। केयू की परीक्षा शाखा में कार्यरत कर्मचारी द्वारा बीए के परीक्षा परिणाम में हुई गलती को ठीक कराने गये पंडित चिरंजी लाल कॉलेज करनाल के छात्र से बदसलूकी किए जाने का मामला तूल पकड़ गया। इससे विद्यार्थी भड़क उठे और जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। यहीं नहीं गुस्साए विद्यार्थियों ने परीक्षा शाखा में कार्यरत अधीक्षक सहित कई कर्मचारियों को बंधक बना रूम नंबर 202 पर ताला जड़ दिया। इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही केयू प्रशासन के अधिकारी सहित पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों को शांत किया। इससे पहले स्थिति पर नियंत्रण करने पहुंचे पुलिस कर्मी और कुंटिया सदस्य की काफी नोंकझोंक हुई। इसी बीच वहां मौजूद कर्मचारियों नेताओं ने दोनों का बीच बचाव किया।
बता दें कि 31 जनवरी को भी केयू कैंपस स्टूडेंट कौंसिल के अध्यक्ष ओंकार चौहान के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने जोरदार हंगामा किया था। प्रदर्शन में एबीवीपी हरियाणा प्रांत के मीडिया संयोजक प्रवीण गर्ग, छात्र नेता श्याम रावत सहित अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे। वहीं करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक परीक्षा शाखा में कोई काम नहीं हो सका। इस दौरान दूर दराज क्षेत्रों से आए विद्यार्थी परेशान हुए और इधर उधर भटकते रहे। हालांकि साढ़े तीन बजे के बाद भी कई विद्यार्थियों का काम नहीं हो सका। हंगामे की सूचना मिलने के बाद केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सीआर जिलोआ मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और मामले को शांत कराया। उन्होंने छात्र को आश्वासन दिया कि परीक्षा संबंधित जो भी गलती होगी उसका समाधान निकाला जाएगा। उक्त कर्मचारी का कहना है कि छात्र की डीएमसी 17 नवंबर 2018 को पंडित चिरंजी लाल कॉलेज में भेज दी गई थी।
विज्ञापन


ये था मामला
केयू में करनाल स्थित पंडित चिरंजी लाल महाविद्यालय से पास आउट बीए का विद्यार्थी अंकित बुधवार को परीक्षा शाखा नंबर दो में स्थित कमरा नंबर 202 में कक्षा बीए के दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में हुई त्रृटि को ठीक कराने के लिये गया था। बताया गया कि अंकित ने वहां कार्यरत कर्मचारी से परीक्षा परिणाम संबंधित गलती को ठीक कराने की बात रखी, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने संबंधित स्टाफ से स्टूडेंट कौंसिल के महासचिव शुभम कालिया से बात कराने की कौशिश की थी। अंकित का आरोप है कि कर्मचारी ने महासचिव शुभम कालिया से बात करने की बजाए उससे ही अभद्रता की। बताया गया है कि जब महासचिव का नाम लिया गया तो कर्मचारी भड़क उठा। इस बात का पता चलते ही स्टूडेंट कौंसिल के पदाधिकारी भी पहुंच गए, जसिके बाद जमकर हंगामा हुआ।
परीक्षा शाखा के कार्यालय पर जड़ा ताला

छात्र नेता एवं अन्य गुस्साए विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए दोपहर करीब 12 बजे परीक्षा शाखा के प्रथम तल पर पहुंचे और यहां स्थित कार्यालय नंबर 202 में पहुंचे और यहां कार्यरत कर्मियों को कार्यालय खाली करने की अपील की, लेकिन अधीक्षक आईएस रावत सहित कई कर्मचारी कार्यालय में बैठे रहे। गुस्साए विद्यार्थियों ने कार्यालय पर ही ताला जड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शकारियों ने करीब 15 मिनट वरिष्ठ अधिकारी रामलाल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और वहां से चले गए।

पुलिस कर्मी से कर्मचारी की कहासुनी
परीक्षा शाखा-2 में हुए हंगामा की सूचना मिलने के बाद दोपहर 12:15 पर थ्रर्ड गेट चौकी से एएसआई गुलजार सिंह कार्यालय पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस कर्मी ने कार्यालय पर लटके ताले को खोल दिया। वहीं मौजूद कुंटिया के एक सदस्य ने उसके साथ बदसलूकी की। हालांकि काफी कहासुनी होने के बाद वहां मौजूद कर्मचारी नेताओं ने दोनों का बीच बचाव कर मामला शांत किया। वहीं कर्मचारियों व विद्यार्थियों की ओर से एक- दूसरे के खिलाफ रजिस्ट्रार को शिकायत सौंपी है।

तीन वर्ष से प्रैक्टिकल में आ रहे 14 नंबर
छात्र अंकित ने बताया कि वर्ष 2016 में उसके बीए के दूसरे समेस्टर के विषय जिओग्राफी की परीक्षा दी थी, जिसमें जियोग्राफी की प्रेक्टिकल में 14 नंबर आए थे। दोबारा परीक्षा देने पर उसने प्रेक्टिकल में 46 नंबर हासिल किए थे। इसके बाद परीक्षा परिणाम संबंधित गलती को ठीक करने के लिए उसने वर्ष 2017 में कॉलेज से ग्रेड लगवाकर सभी दस्तावेज को विश्वविद्यालय में जमा करवा दिया था, जिसका डायरी नंबर 3798 था, लेकिन तीन वर्ष बाद भी प्रेक्टिकल में 14 नंबर आ रहे है। इस संदर्भ में वह कई विश्वविद्यालय के चक्कर काट चुका है। कर्मचारियों की कार्यप्रणाली के चलते कोई समाधान नहीं हो सका।
विज्ञापन


कुंटिया कार्यकारिणी ने की निंदा
कुंटिया प्रधान सुनील कक्कड़ व पूर्व प्रधान रामकुमार गुर्जर, संत कुमार, उपप्रधान चांद सिंह, प्रेस सचिव रामफल, सहसचिव रजवंत कौर, कर्मचारी नेता भारत भूषण सहित अन्य कुंटिया नेताओं ने छात्रों द्वारा किये गये प्रदर्श1न की निंदा की। कहा कि विद्यार्थियों द्वारा कार्यालय को ताला लगाना गलत है। ऐसी परंपरा से आने वाले दिनों में विभागों का माहौल खराब हो सकता है। इस संदर्भ में कुंटिया कार्यकारिणी ने कुलसचिव डा. नीता खन्ना को शिकायत सौंपी। कुलसचिव ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुंटिया प्रधान ने केेयू प्रशासन से कर्मचारियों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है, ताकि वे बिना भय के कार्य कर सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें