अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अपनी मांगों को लेकर की गई हड़ताल के चलते एनएचएम कर्मियों ने 12 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में एंबुलेंस सेवाएं देने से भी इंकार कर दिया है। इस घोषणा के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पसीना छूट गया। आनन-फानन में पीएम दस्ते के साथ चलने के लिए निजी अस्पतालों से नौ एंबुलेंस का इंतजाम किया गया है। वहीं, एनएचएम कर्मियों ने शनिवार को भी हड़ताल जारी रखी।
एनएचएम कर्मचारी संघ की राज्य सह सचिव कुलविंदर कौर ने कहा कि हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों में स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा दिये गए बयान के पर नाराजगी जाहिर की। कौर ने कहाकि जब तक स्वास्थ्य मंत्री अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं एनएचएम के नोडल अधिकारी डॉ एनपी सिंह का दावा है कि पीएम के कार्यक्रम में एंबुलेंस व चिकित्सा से संबंधित व्यवस्था में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए निजी एंबुलेंस तैयार की र्गइं है। जबकि हड़ताल की वजह से शनिवार को भी एलएनजेपी अस्पताल से पीजीआई के लिए रेफर किए गए कई मरीज एंबुलेंस की बाट जोहते रहे। परिजन एंबुलेंस चालकों से लेकर चिकित्सकों की गुहार लगाते रहे। बाद में निजी वाहनों से ही मरीजों को लेकर जाना पड़ा। इस सबके बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुरेश यूनिसपुर ने कहा कि प्रदेश सरकार एनएचएम कर्मचारियों की जायज मांगों को तुरंत माने। एनएचएम कर्मी पिछले कई दिनों से मांगों को लेकर हड़ताल पर है, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। इस मौके पर एनएचएम के जिला संयोजक डॉ. सुरेश शर्मा, प्रधान विक्रम संगरोहा, राजेश गुर्जर, जिला पे्रस सचिव नीलकंठ शर्मा, डॉ. श्याम लाल, एफएम प्रवीण सैनी, डीपीएम सन्नी राणा, डीएमईओ कुसम स्योराण, डीएएम दिनेश सैनी, सीआरए दयानंद, डीएसी नरेश, एएनएम राज, कमलेश, आरटीएस से जसपाल, होशियार, संजीव, प्रदीप, प्यारा सिंह, सुखदेव, गुलशन आदि कर्मचारी उपस्थित थे।