देश का पहला जैविक खाद प्रोजेक्ट लगाने वाले प्रगतिशील किसान कर्ण सीकरी को मिला ग्रामीण उद्योग अवार्ड
- विज्ञान भवन नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने दिया अवार्ड
- उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने किया सम्मानित
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। देश का पहला जैविक खाद प्रोजेक्ट लगाने वाले गांव डंगाली के प्रगतिशील किसान कर्ण सीकरी को केंद्र सरकार ने ग्रामीण उद्योग अवार्ड से नवाजा है। इस अवार्ड के लिए हरियाणा के एकमात्र किसान कर्ण सीकरी का ही चयन किया गया था। उन्हें न्यू इंडिया कन्क्लेव की ओर से विज्ञान भवन में 16 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने सम्मान पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया है।
कुरुक्षेत्र की शान राष्ट्र स्तर पर बढ़ाने के बाद जैसे ही प्रगतिशील किसान कर्ण सीकरी शुक्रवार को देर सायं कुरुक्षेत्र में पहुंचे तो उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने अपने कार्यालय में उन्हें सम्मानित किया। इससे पहले उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद, जिला बागवानी अधिकारी जोगिंद्र बिसला ने कर्ण सीकरी का स्वागत किया। उपायुक्त ने कहा कि कर्ण सीकरी ने ग्रामीण क्षेत्र में रहकर खेती-बाड़ी को बढ़ावा देते हुए देश की युवा पीढ़ी को खेती करने के लिए प्रेरित किया है। सरकारी नौकरियां प्रत्येक युवक को नहीं मिल सकतीं। ऐसे में युवा खेती को अपना रोजगार बनाएं। इस मौके पर डीडीएम नाबार्ड आरएस मोर भी उपस्थित थे।
जैविक घी, शहद व अन्य फसलें भी की जा रहीं तैयार : सीकरी
कर्ण सीकरी ने बताया कि उन्होंने गांव में देश की आधुनिकतम तकनीकी का जैविक खाद प्रोजेक्ट स्थापित किया है। इस प्रोजेक्ट में गाय के गोबर और केंचुए से जैविक खाद बनाई जा रही है। इस खाद को किफायती दरों पर किसानों को दिया जा रहा है। उनका एक मकसद है कि भूमि के स्वास्थ्य को ठीक किया जा सके और फसलों में यूरिया व अन्य खादों का प्रयोग न करके केवल जैविक खाद का प्रयोग किया जाए। इस खाद से जहां भूमि का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा वहीं इस भूमि में पैदा होने वाला अनाज भी मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होगा। इसके अलावा डंगाली सीकरी फार्म हाउस में जैविक घी, शहद व अन्य कई तरह की फसलें पैदा की जा रही हैं।