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केयू में हड़ताल छोड़ कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो लागू होगा नो वर्क नो पे

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केयू में हड़ताल छोड़ कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो लागू होगा नो वर्क नो पे
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गैर शिक्षक कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर केयू प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। प्रशासन ने पहले कर्मचारियों से हड़ताल छोड़कर काम पर लौटने की अपील की। साथ ही हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को पत्र देकर चेतावनी भी दे दी कि यदि हड़ताल खत्म नहीं की गई तो छह मार्च से विश्वविद्यालय में नो वर्क नो पे सिस्टम लागू कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय में कार्यकारिणी परिषद के निर्णय के अनुसार यह कदम उठाया जाएगा। इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और शाखा अधिकारियों को पत्र जारी कर सूचित किया गया है।
कुलसचिव डा. प्रवीण कुमार सैनी की ओर से दिए इस पत्र में कहा गया है कि कुंटिया के मांग पत्र के अनुरूप 26 फरवरी को विश्वविद्यालय के कुलपति से सभी मांगों पर चर्चा हुई। इसके बाद जो निर्णय लिए गए, उसे कुंटिया कार्यकारिणी के सदस्यों को आठ मार्च को अवगत करा दिया गया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बातचीत के प्रयास जारी रहे। नौ मार्च और 13 मार्च को फिर से कुंटिया की विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई। कुलपति ने 14 मार्च को कुंटिया पदाधिकारियों से उनकी मांगो के संबंध में चर्चा की। इस बैठक में यह सहमति बनी थी कि कुंटिया अपनी हड़ताल वापस ले लेगी। इसके बावजूद अब हड़ताल करना पूरी तरह से गैर कानूनी है।
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कुंटिया ने किया आंदोलन तेज करने का ऐलान, की नारेबाजी
केयू प्रशासन की चेतावनी के बावजूद शुक्रवार को भी गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ का धरना जारी रहा। इसके साथ ही भूख हड़ताल भी की। साथ ही ऐलान किया कि सोमवार से इस संघर्ष को और तेज कर दिया जाएगा। इसमें कुंटिया आधे दिन धरना प्रदर्शन करेगी। धरने की अध्यक्षता यूनियन प्रधान रामकुमार गुर्जर ने की। धरने के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। इस दौरान गुर्जर ने कहा कि प्रशासन सहायक कुलसचिव एवं स्टेनो की भर्ती के नोटिफिकेशन को शीघ्र रद्द किया जाए। सहायक कुलसचिव की इन पोस्टों को प्रमोशन से ही भरा जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के स्टेनो की पोस्टों को विज्ञापित करना भी हास्यास्पद बताया। कहा कि एक ओर तो प्रशासन एसएफएस की पोस्टों को बजटिड में करने की वकालत कर रहा है, तो दूसरी ओर स्टेनो (बजट) की पोस्टें विज्ञापित कर एसएफएस के स्टेनो कर्मचारियों के हकों पर कुठाराघात कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार प्रशासन दोहरी नीति पर काम कर रहा है। इसे कुंटिया बर्दाश्त नहीं करेगी।
वीसी बोले अधिकतर मांगें मानीं, कर्मचारियों ने कहा- अधिकतर मांगें लटकाईं
वीसी डॉ. केसी शर्मा ने वीरवार को बयान जारी कर गैर शिक्षक कर्मचारियों की अधिकतर मांगें पूरी करने का दावा किया। दूसरी तरफ शुक्रवार को धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए महासचिव नीलकंठ शर्मा ने इस बयान को भ्रामक करार दिया। उन्होंने कहा कि एक-दो मांगों को छोड़कर अन्य मांगों पर प्रशासन ने कोई आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने बताया कि सोमवार से इस संघर्ष को और तेज किया जा रहा है।
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ये कर्मचारी रहे भूख हड़ताल पर
नौवें दिन के धरने में उपप्रधान विष्णुनाथ के नेतृत्व में कार्यकारिणी क्षेत्र आठ और नौ के दस कर्मचारी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें रामकुमार वर्मा, रूपेश खन्ना, प्रवीन कुमार, सतबीर भारद्वाज, आनंद कुमार, चंद्र पाल, राजेश कुमार, जसमेर, धर्मवीर, रमेश चंद मट्टू, जसवंत शामिल थे।
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