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दोपहिया वाहनों पर सरेआम हो रही ट्रिपल राइडिंग, हादसे भी बढ़ रहे

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दोपहिया वाहनों पर सरेआम हो रही ट्रिपल राइडिंग, हादसे भी बढ़ रहे
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। सड़क हादसों में दोपहिया वाहनों का एक बड़ा कारण ट्रिपल राइडिंग को भी बड़ा कारण मानी जाती है। इसके बावजूद ट्रिपल राइडिंग रुक नहीं रही है। हालांकि, पुलिस विभाग से लेकर वाहन निर्माता कंपनी भी ट्रिपल राइडिंग करने से मना करती है। इसके बावजूद ऐसे मामले रुक नहीं पा रहे। यहां तक कि ट्रिपल राइडिंग के बावजूद बिना हेलमेट वाहन चलाना भी हादसों को निमंत्रण देता है तो वहीं ऐसे हालात में ही चलते वाहन पर मोबाइल पर बातचीत करना और घातक सिद्ध होता है। शहर में ही नहीं जिला भर में लगातार ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं। पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, हर एक या दो माह में ऐसा हादसा जिले में ही हो जाता है। तो प्रदेश स्तर पर इन हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या चौकाने वाली है। ऐसे में वाहन चालकों को आज भी बड़े स्तर पर जागरूक करने की जरूरत है। पुलिस आंकड़ों पर अमर उजाला लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाए हुए है।
हाल ही में हो चुके हैं ये बड़े हादसे
मंगलवार को एनआईटी के पास ट्रिपल राइडिंग के चलते बड़ा हादसा हुआ। इसमें करनाल के रैयतखाना निवासी करीब 32 वर्षीय मनीष नामक युवक की मौत हो गई। हादसे मेें उसके साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे पहले शाहाबाद में गांव ढकाला निवासी बाइक सवार 24 वर्षीय हरंबस, 20 वर्षीय विक्रम और 18 वर्षीय देवेंद्र भी हादसे का शिकार हुए थे। इसमें तीनों की मौत हो गई थी।
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हर रोज किए जा रहे करीब 50 चालान : देवेंद्र
ट्रैफिक एसएचओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि पुलिस ट्रिपल राइडिंग को लेकर सख्त है। हर रोज करीब 50 चालान किए जा रहे हैं। इसके बावजूद वाहन चालक ट्रिपल राइडिंग करते हैं। पुलिस स्कूल, कॉलेजों से लेकर आम लोगों तक को जागरूक कर रही है। कार्रवाई भी की जा रही है। अभी व्यापक स्तर पर जागरूकता लाने की जरूरत है।
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