केयू अथॉरिटी के आश्वासन पर भी नहीं मानी कुंटिया, हड़ताल जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
केयू के 1410 कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल और तीन दिन के अवकाश के कारण पिछले छह दिन से यूनिवर्सिटी के विभाग बंद हैं। चार जनवरी से शुरू हुई कुंटिया की हड़ताल नौ जनवरी को भी जारी रही। इस दौरान कई बार वार्ता हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। कुंटिया अभी तक अपनी मांगों पर अडिग है। कुंटिया और केयू अथारिटी के इस रवैये से हजारों विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। मंगलवार को भी केयू के विभागों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। कोई हल नहीं निकलने पर केयू अथॉरिटी ने डीन और सभी वरिष्ठ शिक्षकों की बैठक देर शाम बुलाई। इसमें कुलपति, डीन और सभी वरिष्ठ शिक्षकों ने कुंटिया से हड़ताल छोड़ कर काम पर लौटने की अपील की। हालांकि, इस अपील का भी कुछ असर नहीं हुआ। इस वजह से बुधवार को भी हड़ताल रखने का ऐलान कुंटिया अध्यक्ष रामकुमार गुर्जर ने मंगलवार को ही कर दिया।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में चार जनवरी से जारी गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। मंगलवार सुबह से कुंटिया के कर्मचारी प्रशासनिक ब्लॉक के सामने विजय ग्राउंड में पहुंच गए। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई कई दौर की बातचीत के बाद भी कुंटिया के डिमांड चार्टर का हल नहीं निकल सका। धरने के दौरान दिनभर नारे और भाषणबाजी होती रही। इस दौरान कुंटिया प्रधान राम कुमार गुर्जर ने अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखते हुए कहा जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण समस्याओं और मांगों का कोई हल नहीं निकालता, तब तक कुंटिया की हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को लगभग तीन महीने का समय दिया गया था, लेकिन लगता है कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। हड़ताल को समाप्त करने के लिए समस्याओं का सही समाधान नहीं किया। कुंटिया ने शाम को प्रशासन की तरफ से समस्याओं के समाधान के लिए आए सुझावों को सिरे से नकार दिया और हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया। कुंटिया महासचिव नीलकंठ शर्मा ने कहा कि हड़ताल को विफल करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने केयू प्रशासन से आह्वान किया कि अभी भी समय है, प्रशासन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण समस्याओं और मांगो को लेकर सकारात्मक कदम उठाए। सभा को कुंटिया के सेवानिवृत्त पूर्व प्रधान डॉ. बाबूराम गुप्ता, पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, पूर्व महासाचिव भारत भूषण, राम करण शर्मा, राम फल, विष्णु नाथ, कृष्ण पांडे, संत कुमार, मनीष बालदा, राजकुमार ढींगडा, विजय गौड़, डॉ. जीत सिंह शेर, रामेश्वर सैनी, जगदीश खनौदा, रविंद्र तोमर, अनिल लोहाट आदि कुंटिया नेताओ ने भी संबोधित किया।
इन मांगों को पूरा कराने के लिए है कुंटिया हड़ताल पर
केयू कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों में मुख्य रूप से कर्मचारियों को स्टाफ रेशो और सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान, एसएफएस कर्मचारियों को भी एलटीसी और शिक्षा भत्ते का लाभ देना, प्रशासनिक अधिकारी, सहायक कुलसचिव, उप-कुलसचिव का प्रमोशन, 37 क्लर्कोें का कंफर्मेशन, एसएफएस कर्मचारियों के लिए मेडिकल सुविधा और कार्पस फंड निर्धारित करना, असिस्टेंट लाइब्रेरियन के पदों को डाउनग्रेड करना, हाउस बिल्डिंग लोन, परीक्षा शाखा में खाली डीएमसी के लिए एक अलग व्यवस्था करना, साइंस फैक्लटी में प्रमोशन (जहां पर पोस्ट खाली हैं), एसएफएस कर्मचारियों को एलटीसी और बच्चों को शिक्षा भत्ता देना, एसएफएस कर्मचारियों का टाइप टेस्ट माफ करना, एसएफएस क्लर्कोें की सहायकों में पदोन्नति आदि शामिल हैं।
कर्मचारियों की मांगों को हमेशा गंभीरता से लिया : वीसी
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने कर्मचारियों की सभी मांगों को हमेशा गंभीरता से लिया है। प्रशासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने कई दौर की वार्ता कुंटिया से की है। कुलपति और कुलसचिव भी कर्मचारियों से बातचीत कर चुके हैैं। सभी 12 मांगों पर सहमति हो चुकी हैं, लेकिन कुंटिया फिर भी हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार नहीं है। नई-नई मांगें बातचीत के बाद रखी जा रही हैं। देर शाम कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें सभी डीन, वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षक शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय और छात्र हित में कर्मचारियों से काम पर लौटने की पुन:अपील की।
वीरवार से डीएमसी के लिए चक्कर लगा रहा है बिहार का छात्र
पटना (बिहार) से आए छात्र ईश्वर यादव ने बताया कि उसने केयू से बीएड की थी। इसकी डीएमसी लेने के लिए वह सोमवार को पटना से कुरुक्षेत्र आया था। सोमवार को हड़ताल के चलते परीक्षा भवन में कोई कर्मचारी नहीं मिला। उसे उम्मीद थी कि शायद आज उसका काम हो जाए, लेकिन मंगलवार को भी हड़ताल रही। अब बुधवार को भी उम्मीद नहीं है कि उसे डीएमसी मिल जाएगी।
हिसार के छात्र की पीड़ा
हिसार से आए छात्र चंचल शर्मा ने बताया कि वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में बीए रेगुलर का छात्र है। उसकी बीए चौथे और छठे सेमेस्टर में रिअपीयर के लिए कहीं भी जानकारी नहीं मिल रही। कई दिनों से वह और उसके अन्य साथी केयू के दफ्तरों में चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन, फार्म और फीस भरना तो दूर अब तक उसे इस बारे में सही जानकारी नहीं मिल सकी है।