तीन एमओयू पर लगी मुहर, दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में नए सत्र से चार नए पाठ्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
केयू के कुलपति डॉ. कैलाशचंद्र शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को यूनिवर्सिटी सीनेट हाल में अकादमिक परिषद की बैठक हुई। इसमें काउंसिल ने केयू की ओर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ किए गए तीन एमओयू पर अपनी मोहर लगाते हुए उसे पारित कर दिया। बैठक में इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स नई दिल्ली, इलेक्ट्रॉनिक साइंस विभाग के इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग रिसर्च संस्थान पिलानी, यूआईईटी एवं एनआईईएलआईटी के बीच हुए समझौते पर अकादमिक काउंसिल ने अपनी मुहर लगा दी है। अब ये विभाग एमओयू से आगे विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकेंगे।
इसके साथ ही बैठक में हरियाणा सरकार के पंचायत विभाग के साथ पंचायत प्रतिनिधियों के लिए शुरू किए गए सर्टिफिकेट कोर्स के ऑर्डिनेंस को भी पास कर दिया गया। अगले सत्र से दूरवर्ती शिक्षा निदेशालय में शुरू होने वाले चार नए पाठयक्रमों पीजी डिप्लोमा इन टेक्सेशन, पीजी डिप्लोमा इन साइबर लॉ और आईपीआर, पीजी डिप्लोमा ह्यूमन राइट्स, पीजी डिप्लोमा बिजनेस एनलटिक्स को भी हरी झंडी दे दी गई है। बैठक में खास बात यह रही कि हरियाणा की पहली ए-प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी ने अपने पाठ्यक्रमों को अपग्रेड और अपडेट करते हुए बोर्ड ऑफ स्टडीज के अप्रूवल के लिए भेजा था। वहां के अप्रूवल के बाद अकादमिक काउंसिल ने भी इन्हें पारित कर दिया है। बैठक में एमफिल के ऑर्डिनेंस में सुधार, अनफेयर मीन कमेटी के गठन, एमबीए, बीटेक प्रिंटिंग ग्राफिक्स और पैकेजिंग, मास्टर ऑफ परफोर्मिंग आर्ट्स, बी-फार्मेसी, बी-लिब जैसे पाठ्यक्रमों में च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत ऑर्डिनेंस में सुधार किया है। कई विभागों की ओर से पिछले सत्र में तैयार किए गए नए अपडेटेड पाठ्यक्रमों को भी अकादमिक काउंसिल ने पारित कर दिया है। इसके साथ ही इस सत्र में विभिन्न कॉलेजों की निरीक्षण रिपोर्ट को भी अकादमिक काउंसिल ने पारित किया है। बैठक में 38 से अधिक मुद्दे रखे गए थे। एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने यूनिवर्सिटी और उससे संबंधित कॉलेजों में उच्च शिक्षा में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस अवसर पर केयू कुलसचिव डा. प्रवीण सैनी, विभिन्न संकायों के डीन, विभागों के अध्यक्ष, काउंसलि के सदस्य, कॉलेज के प्रिंसिपल और यूनिवर्सिटी के अधिकारीख् कर्मचारी मौजूद रहे।