बसों की छत पर चढ़कर यात्रा करने को मजबूर छात्राएं
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद(कुरुक्षेत्र)। बस अड्डे पर वाहन लेने के लिए विद्यार्थियों की जद्दोजहद खूब जारी है। शहर से बाहर जाने वाले छात्र-छात्राओं को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के कारण विद्यार्थियों का समय तो खराब होता ही है, साथ ही आर्थिक मार भी झेलनी पड़ रही है। अधिकतर छात्र-छात्राएं पास धारक हैं, लेकिन हरियाणा रोडवेज की बस न मिलने के चलते उन्हें अन्य राज्य की बसों में सफर करना पड़ता है। इस कारण उन्हें बस पास होने के बावजूद भी पैसे देकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
छात्रा सुमन, रेखा रानी, कविता देवी ओर आरती देवी ने बताया कि वह शाहाबाद से पढ़ने के लिए अंबाला और कुरुक्षेत्र जाते हैं, लेकिन रोडवेज बस चालक नियमों को धता बताकर बसों को निर्धारित अड्डे पर न रोक 150-200 मीटर आगे-पीछे रोकते हैं। इस कारण विद्यार्थियों को बसों के पीछे भागना पड़ता है। यहीं नहीं, मजबूरी में उन्हें बसों की छतों पर चढ़ना पड़ता है। यहां तक कि बेटियों को भी मशक्कत करके छतों का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने तीन दिन पहले बस अड्डे का दौरा करके छात्राओं से बातचीत की थी और मौके पर ही बस अड्डा इंचार्ज को फटकार लगाई थी। इसके अलावा जीएम को भी संबंधित समस्या का समाधान करने के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाबजूद बस चालकों की मनमर्जी जारी है। इसी कारण राज्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेकर जीएम रोडवेज और डीएसपी शाहाबाद को शुक्रवार को बैठक के लिए बस स्टैंड पर ही बुलाया है। राज्यमंत्री बेदी ने कहा कि बैठक में विद्यार्थियों की समस्या का स्थाई हल कर दिया जाएगा। यदि बैठक के बाद भी किसी कर्मचारी ने ऐसी समस्या को लेकर लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है।
निजी बस चालकों की धींगामस्ती से परेशान
पिछले दिनों से निजी बस चालकों की धींगामस्ती भी जनता के साथ सरकारी बसों के चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। निजी बस चालक बेतरतीब एवं लापरवाही से बसों को सड़क पर खड़ा करते हैं, जिससे सरकारी बसों को रुकने के लिए जगह नहीं मिल पाती और लोगों को असुविधा झेलनी पड़ती है। जब कोई सरकारी बस चालक या अन्य कोई व्यक्ति निजी बस चालकों को लापरवाही करने से रोकता है तो झगड़ा करने लगते हैं। समस्या से परेशान लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द निजी बस संचालकों को नियमों में रहने के निर्देश देते हुए दिक्कत से निजात दिलाएं।