अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर के विवाद के बीच अब नई कार्यकारिणी को मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू हो चुका है। इसी के साथ जाट समुदाय के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर आमरण अनशन के दौरान कोई अनहोनी हुई तो विधायक सुभाष सुधा, प्रदेश सरकार के अलावा जिला फर्म एवं सोसायटी के रजिस्ट्रार इसके जिम्मेदार होंगे।
मंगलवार से गांव कन्नौ वासी चंदा सिंह वासी, हैबतपुर वासी किताब सिंह श्योराण व दनौदा कलां वासी विजयपाल नैन आमरण अनशन पर बैठे। इस दौरान नवनियुक्त कार्यकारिणी के प्रधान कर्मवीर घराड़सी, गंगा राज करोड़ा, कृष्ण श्योकंद, शमशेर ढुल, राजेंद्र हथीरा भी उपस्थित रहे। आमरण अनशन शुरू करने से पहले उक्त लोगों ने जिला उपायुक्त के नाम पत्र लिखा, जिसमें स्पष्ट किया कि वे नई कमेटी को मान्यता दिए जाने तक उनका यह अनशन जारी रहेगा। इस दौरान उनके साथ कोई घटना हुई तो इसके लिए विधायक सुभाष सुधा, जिला रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी व प्रदेश सरकार जिम्मेवार होगी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी को समाज की आम सभा ने सर्वसम्मति से बनाया है, जिसे मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर 20 जुलाई से क्रमिक भूख हड़ताल आज तक जारी रखी गई। इसके बावजूद स्थानीय विधायक सुभाष सुधा व प्रदेश सरकार के दबाव के चलते गंभीरता से नहीं लिया गया, जो समाज को बांटने की कोशिश है। इससे समाज के लोगों में गहरा रोष है। 20 जुलाई को कर्मबीर घराड़सी के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया था। इसके बाद उनके व अंग्रेज सिंह गुट के बीच विवाद चला हुआ है। जहां कर्मबीर गुट भूख हड़ताल कर रहा है तो सोमवार को उनके पक्ष में समाज के लोगों ने रोड जाम किया तो प्रशासन को अल्टीमेटम भी दिया। वहीं अंग्रेज सिह उनसे धर्मशाला को खाली कराने की मांग पर अड़ा हुआ है।
धर्मशाला खाली नहीं कराई गई तो प्रशासन से लेंगे पूरा हिसाब : अंग्रेज
पुरानी कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह का कहना है कि धर्मशाला खाली कराए जाने को लेकर मंगलवार को वे एसपी व डीसी से समाज के अन्य लोगों के साथ मिले। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अगले एक- दो दिन में धर्मशाला खाली नहीं कराई गई तो वे सड़कों पर उतरेंगे और धर्मशाला में समाज के धन के किए जा रहे दुरुपयोग का हिसाब प्रशासन से लिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सड़कों पर उतरने से पहले वीरवार को समाज की बैठक बुलाई है, जिसमें पूरी रणनीति तय की जाएगी।
डीसी को भेजे पत्र में लिखा ,तो आप भी होंगे जिम्मेदार
डीसी को भेजे गये पत्र में लिखा है कि अब अगर आप संज्ञान में आने के बाद भी ढिलाई बरतेंगे और हमें न्याय नहीं दिलाएंगे तो आप स्वयं भी हमारी मौत के जिम्मेदार होंगे। इस पत्र पर आमरण अनशन पर बैठे विजयपाल नैन के हस्ताक्षर के हैं, जबकि चंदा सिंह और किताब सिंह श्योराण ने अंगूठा लगाया है।