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प्रशासन से लेकर बैंक अधिकारियों की भी बेरूखी

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कुरुक्षेत्र। बेरोजगार लोगों को अपना कारोबार स्थापित करने के लिए लोन देने को लेकर पंचायत भवन में लगाया गया जिला स्तरीय लोन मेले में लोगों के हाथ केवल निराशा ही लगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर बैंकों की बेरुखी भी बेरोजगार लोगों पर भारी पड़ी।
मेले में जिला उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया के कड़े निर्देशों व दावों के बावजूद 28 में से महज 12 बैंक ही मेले में पहुंचे तो वहीं प्रशासन की ओर से जिला सचिवालय से करीब 100 कदम दूरी पर ही आयोजित इस मेले में एक भी अधिकारी नहीं पहुंचा। दोनों ओर से मेले को लेकर उदासीनता का ही परिणाम रहा कि जहां करीब दो घंटे में ही अधिकतर बैंकों के प्रतिनिधि लौट गए तो केवल 117 आवेदन ही ऋण के लिए मिल सके। इसमें भी पीएनबी बैंक को मिले आवेदन सबसे अधिक रहा।
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पंचायत भवन में दोपहर दो बजे तक लगने वाला यह मेला सुबह 10 बजे शुरू हुआ, लेकिन विडंबना रही कि इस मेले का शुभारंभ करने तक की किसी अधिकारी ने जहमत नहीं उठाई। बता दें कि इस मेले को लेकर जिला प्रशासन द्वारा पिछले एक सप्ताह से बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे तो वहीं दो दिन पहले ही जिला उपायुक्त ने सभी बैंकर्ज की बैठक भी ली थी, जिसमें उन्होंने कड़े निर्देश दिए थे कि सभी बैंक अपने-अपने बैनर्ज सहित स्टॉल लगाएंगे तथा स्वयं ही प्रार्थियों के फार्म भरेंगे और स्कीमों की जानकारी देंगे। डीसी ने कहा था कि बैंक अधिकारी विभिन्न स्कीमों के तहत लोन लेकर अपना स्वयं का कारोबार स्थापित करने वाले प्रार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और सकारात्मक रुख रखें, उन्हें टरकाने और बहकाने की कोशिश न करे, बल्कि स्कीमों से होने वाले फायदों के बारे में जागरूक करें, तभी सरकार की जनहित कल्याणकारी नीतियां सुचारु रूप से फलीभूत हो सकेंगी, लेकिन मेले के आयोजन के समय ये सभी निर्देेश हवा हवाई ही साबित हुए।

मेले में ये बैंक पहुंचे
पीएनबी बैंक, विजया बैंक, यश बैंक, ओबीसी बैंक, सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, केनरा बैंक, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, इंडियन बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इलाबाहाद बैंक, इंडियन ओवरसिज बैंक, यूनाईटेड बैंक, इंडसिड बैंक, ओरियंटल जनरल इंस्योरेंस बैंक।

ये बैंक नहीं पहुंचे
एलडीएम हरि सिंह गुमरा के अनुसार मेले में एचडीएफसी बैंक, एसबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कारपोरेशन बैंक, यूनियन बैंक, आईडीबीआई बैंक, कोटेक महिंद्रा बैंक के अलावा पांच अन्य बैंक भी नहीं पहुंचे।

निराश होकर लौटे लोग
मेले में आए अनेकों लोगों को उस समय बड़ा झटका लगा जब उन्हें संबंधित बैंक की ओर से स्टॉल नहीं दिखाई दी। ऐसे में उन्हें निराश होकर ही लौटना पड़ा। बता दें कि पिछले माह भी पंचायत भवन में ही लगाए गए लोन मेले में करीब 10 बैंक ही पहुंचे थे और उस दिन भी बड़ी संख्या में लोग निराश होकर लौटे थे। इसके बावजूद न प्रशासन गंभीर दिखा और न ही बैंक।

शाहाबाद से आया, कोई फायदा नहीं हुआ : सुनील
बैंक लोन के लिए आवेदन करने पहुंचे शाहाबाद वासी सुनील कुमार का कहना था कि वह अपनी मोटरसाइकिल रिपेयर की दुकान छोड़कर आया था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिस बैंक से वह लोन लेना चाहता था, उस बैंक के कर्मी यहां नहीं मिले। दूूसरे बैंक के कर्मी भी कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे।

117 लोगों ने 307 लाख रुपये के ऋण के लिए जमा कराए आवेदन
एलडीएम हरि सिंह गुमरा ने बताया कि मेले में 117 लोगों ने 307 लाख रुपये के ऋण के लिए अपने आवेदन जमा करवाएं। हालांकि इस लोन मेले में 250 लोग पहुंचे। इनमें से 4 आवेदन डीआरआई स्कीम के तहत आएं जबकि 113 आवेदन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए गए। मेले में पीएनबी बैंक के स्टाल पर 105 लाख रुपये के ऋण के लिए 40 लोगों ने आवेदन जमा करवाया है।

इन कारोबारों के लिए लिया जा सकता है ऋण
मेले के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत संबंधित व्यक्ति बीड़ी, पान, जूस, शैलून की दुकान खोलने, मोची, मोटरसाइकिल मरम्मत, लौहार की दुकान इत्यादि के लिए आसान किश्तों पर ऋण के लिए आवेदन किया जा सकता है।

सभी बैंकों को दी गई थी सूचना, बैंकों के न आने से मैं खुद भी हैरान : गुमरा
एलडीएम हरि सिंह गुमरा का कहना है कि उन्होंने लोन मेले के अपने-अपने स्टॉल लगाने को लेकर सभी बैंकों को समय पर सूचना दी थी। एक दिन पहले व्हाटसअप से भी दोबारा अवगत कराया गया, लेकिन किसी भी बैंक की ओर से न आने की उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। इसके बावजूद एक दर्जन बैंक मेले में क्यों नहीं पहुंचे, यह वे भी नहीं समझ पाए है जबकि डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने भी बैठक के दौरान सभी बैंकों को स्टॉल लगाने के निर्देश दिए थे। मेले को लेकर बैंकों द्वारा रुचि न दिखाने से वे भी हैरान है। बैंकों के कम आने से ही आवेदन भी कम रहे है।
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भविष्य में सभी बैंक आएंगे, सुनिश्चित किया जाएगा: डीसी
डीसी डॉ. एसएस फुलिया का कहना है कि पिछले माह और इस बार लगाए लोन मेले को लेकर बैंकों की अधिक रूचि नहीं दिखी, लेकिन कहां कमी रही, यह देखा जाएगा। भविष्य में सभी बैंक मेले में पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। मेले में प्रशासन के अधिकारी के तौर पर ही एलडीएम मौजूद थे।
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