कुरुक्षेत्र। दावे, घोषणाएं और दिखावटी अभियान से नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने से शहर सुथरे होंगे ? भारत सरकार द्वारा कराये गये स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में यह तस्वीर एक बार फिर साफ हो चुकी है। देशभर की जारी की गई सूची में जिला कुरुक्षेत्र की एक नगर परिषद और तीन पालिकाओं में पिहोवा पालिका ने लाज बचाई है। बता दें कि स्वच्छता के मामले में जहां थानेसर नगर पालिका पूरे देश में 199 वें स्थान पर है, वहीं राज्यमंत्री कृष्ण बेदी के विधानसभा क्षेत्र शाहाबाद नगर पालिका 170वीं रैंकिंग के साथ थानेसर के मुकाबले काफी बेहतर रही। अगर लाडवा की रैंकिंग में सिर्फ तीन अंक का सुधार होता तो शायद स्वच्छता के मामले में थानेसर नगर परिषद जिला में भी सबसे फिसड्डी साबित हो जाती।
बता दें कि देशभर में हुई स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में जहां थानेसर नगर परिषद 199 स्थान पर है, वहीं लाडवा पालिका को 201वां रैंक मिला है। यदि इसमें भी संतोष ही करना है तो एक मामले में नगर परिषद पीठ थपथपा सकती है, वो इसलिए क्योंकि थानेसर नगर परिषद ने 2017 की रैंकिंग में जहां 253 वां रैंक हासिल किया था, इस बार 54 रैंक नीचे आने में सफलता हासिल की है। सहित यह स्थिति उस शहर की है, जहां 18 अप्रैल 2016 में कुरुक्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिये गीता गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज और कई राजनेताओं सहित देश की कई बड़ी हस्तियों ने मिलकर दिव्य कुरुक्षेत्र मिशन के पहले चरण की शुरुआत की थी। हालांकि इसका दूसरा चरण आज तक आगे नहीं बढ़ा और दिव्य कुरुक्षेत्र जैसे सरकारी गैर सरकारी अभियान सार्थक परिणाम लाने में विफल साबित हुए हैं।
हरियाणा की 18 नगर परिषदों में अव्वल है थानेसर नप : सुधा
थानेसर के विधायक सुभाष सुधा और थानेसर नगर परिषद की अध्यक्ष उमा सुधा, युवा भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य साहिल सुधा, पार्षद मुकंद लाल अरोड़ा व पार्षद संदीप कोहली ने इस उपलब्धि के लिये नगर परिषद के कर्मचारियों को बधाई दी। वहीं विधायक सुधा ने दावा किया कि हरियाणा की तमाम नगर परिषदों में थानेसर परिषद ने अव्वल स्थान हासिल किया।
शहर की सफाई व्यवस्था पर सालाना खर्च होता है 11 करोड़ रुपये
थानेसर नगर परिषद के अकाउंट आफिसर मनोज कुमार से मिली जानकारी के अनुसार शहर की सफाई व्यवस्था व मैन पावर पर सालाना बजट करीब 11 करोड़ रुपये खर्च होता है। थानेसर नगर परिषद के पास 94 स्थाई सफाई कर्मचारी.416 अस्थाई सफाई कर्मचारी, 81 डंपर, 8 ट्रैक्टर ट्राली, दो जेसीबी, एक डंपर प्लेसर शामिल हैं।
तीनों पालिकाओं का सालाना बजट 8 करोड़ से भी कम
देशभर में 55वां रैक हासिल करने वाली नगर पालिका के सचिव सुशील कुमार ने बताया कि पिहोवा पालिका का सफाई का सालाना बजट करीब दो करोड़ है। वहीं लाडवा और शाहाबाद का नगर पालिका का बजट करीब 3-3 करोड़ रुपये बताया गया है।
अमर उजाला ने लगातार उठाया सफाई का मुद्दा
स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के दौरान अमर उजाला ने जनवरी 2018 में लगातार सफाई व्यवस्था की लाइव रिपोर्ट प्रमुखता से की थी, इसके बाद जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई माह में सफाई व्यवस्था को लेकर सफाई का मुद्दा उठाया गया। इनमें मुख्य रिपोर्ट 8 जनवरी, 16 फरवरी,11 मार्च, 28 मार्च और 12 मई को प्रकाशित की गई।