मानवता का संदेश देती है श्रीमद् भागवत : शास्त्री
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति ने पिपली के श्रीराम मंदिर में मंगलवार शाम को 107वीं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ किया। पिपली वासियों के सहयोग से आयोजित यह कथा 21 नवंबर तक प्रतिदिन दोपहर तीन से शाम 6:30 बजे तक चलेगी। कथा के शुभारंभ पर कलश यात्रा निकाली गई। यह पिपली के मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची।
इस मौके पर थानेसर के पूर्व विधायक रमेश गुप्ता ने भागवत पूजन में भाग लेकर दीप प्रज्ज्वलित किया। संस्थापक अध्यक्ष और भागवताचार्य पंडित अनिल शास्त्री ने रमेश गुप्ता को स्मृति चिह्न प्रदान किया। अपने संबोधन में रमेश गुप्ता ने कहा कि जहां कहीं भी श्रीमद् भागवत का अनुष्ठान होता है, वह स्थान एक तीर्थ का रूप ले लेता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण करें। प्रवचनों में शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत मानवता का संदेश देती है। भगवान श्रीकृष्ण सतचित्त आनंद स्वरूप हैं। दैहिक-दैविक-भौतिक तापों को समाप्त करने वाले हैं। भगवान श्रीकृष्ण ही विश्व की उत्पत्ति के मूल हैं। उनकी मुस्कान से सृष्टि का सृजन होता है, गंभीर होने पर सृष्टि का पालन और भृकुटी टेढ़ी करने मात्र से सृष्टि का संहार हो जाता है। भागवत कथा के बीच-बीच में सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भागवत आरती में आचार्य श्रीकांत तिवारी, पुजारी बैजनाथ शर्मा, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य अशोक शर्मा, अजय शर्मा, विरेंद्र रोहिल्ला, चरणजीत मेंहदीरत्ता, अवतार सैनी, सुनील बाजवा, नीरज मदान, हेमंत वधवा, डॉ. राजेश गौतम, महिला मंडल प्रधान कृष्णा गुप्ता, रानी सैनी और कमल कक्कड़ आदि महिलाएं शामिल रहीं।