आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बिजली कर्मचारियों ने पुलिस थाने में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
गांव मुकीमपुरा में पिछले दिनों बिजली कर्मचारियों से साथ हुई मारपीट का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बिजली कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लेकर रोष मार्च निकाला। रोष मार्च बिजली 33 केवी स्टेशन से शुरू होकर शहर के विभिन्न रास्तों से होकर पुलिस थाने पहुंचा। वहां बिजली कर्मचारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया।
यूनियन के प्रधान बलबीर रंगा ने कहा कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सात दिन का समय मांगा था। लेकिन, इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के साथ मिलकर उन्हें बचा रही है। यही कारण है कि पुलिस अभी तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। बता दें कि कुछ दिनों पहले गांव मुकीमपुरा में बिजली कर्मचारी गांव में बिजली चोरी पकड़ने गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर जानलेवा हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसमें कर्मचारी सतीश कुमार के सिर पर गहरी चोट लगी थी। उसे पांच टांके लगे थे। फकीर चंद की रीढ़ की हड्डी और राम सिंह की टांग में फ्रैक्चर हो गया था। इस मामले में पुलिस ने 13 लोगों को नामजद करते हुए 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस मौके पर रणजीत मल, दिलबाग सिंह, गुरचरण सिंह, गुरमीत, अनिल, हरनाम, प्रकाश, करनैल, मुकेश शर्मा, बलदेव सैनी, सुरता राम, प्रकाशचंद, राजवीर, नैब आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
दो घंटे चला पुलिस थाने में प्रदर्शन
बिजली कर्मचारियों ने करीब दो घंटे तक पुलिस थाने में प्रदर्शन किया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दो घंटे चले इस रोष प्रदर्शन के दौरान डीएसपी धीरज कुमार और थानाध्यक्ष प्रतीक कुमार पुलिस थाने में ही बैठे रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों ने बात करना तक मुनासिब नहीं समझा। इससे प्रदर्शनकारी भड़क गए और उन्होंने शहर की सड़कों पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो वे थाने के सामने अनिश्चित कालीन धरना देंगे। इस बारे में जब थानाध्यक्ष प्रतीक कुमार से बात की गई तो उन्होंने इस मामले कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया।