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प्रकृति की शक्ति कहलाते हैं गणेश जी के 32 रूप : महंत राजेंद्र

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कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में भी श्री गणेश उत्सव उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। महंत राजेंद्र पुरी ने सोमवार को प्रथम आराध्य भगवान श्री गणेश एवं भगवान शिव परिवार का विधिवत पूजन करने के उपरांत भजन संकीर्तन के अवसर पर कहा कि सभी देवी देवताओं में भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य देवता, मंगलकारी, बुद्धिदाता और विन्घहर्ता कहलाते हैं।
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भगवान श्री गणेश को हम बप्पा, गणेशा, गणपति, एकदंत, लंबोदर आदि जैसे कई नामों से जानते हैं। उन्होंने कहा कि अनेक नामों के साथ ही भगवान के कई रूप भी हैं। महंत राजेंद्र पुरी ने मुग्दल और गणेश पुराण में भगवान गणेश के 32 मंगलकारी रूपों का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान गणेश के इन रूपों की अपनी विशेषता है और इन से महत्वपूर्ण प्रेरणा भी मिलती है। भजन संकीर्तन के उपरांत आरती की गई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस मौके पर डॉ. नसीब सिंह, कुलवंत सिद्धू, मुकुल कुमार, विजय राठी, अजय, मनप्रीत आदि भी मौजूद रहे।
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