अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। गांव गुमथलागढ़ू में बारिश के दौरान एक मकान की दीवारें व छत गिरने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक महिला बीरो देवी (27 साल) निवासी गांव सतौड़ा अपने बेटे अनिकेत व परमजीत के साथ अपनी मां से मिलने मायके आई हुई थी। इसी हादसे में परिवार के अन्य छह लोग भी घायल हुए है।
घटना सोमवार रात 11 बजे की बताई जा रही है। घायलों में 4 बच्चे अनिकेत, परमजीत, रजत, गीतू, बुजुर्ग महिला ज्ञानो देवी व रोशनी देवी शामिल हैं। ज्ञानो देवी की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे कुरुक्षेत्र और कुरुक्षेत्र से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। हादसे के दौरान पूरा परिवार एक ही कमरे में सोया हुआ था। बारिश के कारण मकान की दीवारें व छत गिर गई। इससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। गांव गुमथलागढूृ निवासी कर्मबीर ने बताया कि उसकी बहन बीरो देवी और रोशनी देवी अपने बच्चों रजत व गीतू के साथ मायके आए हुए थे। रात को खाना खाने के बाद सभी लोग एक ही कमरे में सोए हुए थे। करीब 11 बजे अचानक मकान की छत व दीवारें गिर गई और कमरे में सो रहे सभी सात लोग मलबे के नीचे दब गए। आवाज सुनकर आस पड़ोस के लोगों ने इकट्ठा हुए और उन्हें मलबे से बाहर निकाला। हादसे में बीरो देवी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि ज्ञानो देवी बुरी तरह से जख्मी हो गई। सरकारी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नाजुक हालत देख कुरुक्षेत्र से पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। घटना की सूचना पाकर नायब तहसीलदार राजेंद्र रोहिल्ला मौके पर पहुंचे और परिवार को सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
गर्दन पर गार्डर गिरने से हुई बीरो देवी की मौत
कर्मबीर ने बताया कि हादसे के समय पूरा परिवार एक ही कमरे में सोया हुआ था। तेज बारिश के कारण अचानक मकान की दीवारें और छत गिर गई। छत में लगा गार्डर बीरो देवी की गर्दन पर गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सहायता राशि के लिए किया था आवेदन
सरपंच गगनजोत संधू ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। परिवार ने मकान बनाने को सहायता राशि के लिए आवेदन किया हुआ था। यदि समय रहते परिवार को सरकार की ओर से सहायता राशि मिल जाती तो शायद यह हादसा न होता। गांव में कई परिवार की हालत खस्ता है। सरकार जल्द ही इन परिवारों को सहायता देनी चाहिए।