अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
सड़कों को पशुओं से मुक्त करने को लेकर बड़े-बड़े दावों के बावजूद धर्मनगरी में गोवंश की बुरी तरह से बेकद्री हो रही है। गोवंश लगातार सड़क हादसों का शिकार हो रहा है। मंगलवार रात को भी महज एक किलोमीटर के दायरे में तीन गोवंश हादसों का शिकार हुए तो वहीं एक अन्य हादसे में भी एक गोवंश की मौत हो गई। एक साथ चार गोवंश की हादसों में मौत से जहां नगर परिषद व जिला प्रशासन गोवंश को सड़कों से हटाने के अभियान की पोल खुल गई तो वहीं नगर परिषद ने जानकारी के बावजूद भी मृत पशुओं को उठवाना भी मुनासिब नहीं समझा और उन्हें आवारा कुत्ते नोचते रहे।
जब बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद भी नप ने मृत पशुओं को नही उठवाया तो गोरक्षकों ने कुरुक्षेत्र-कैथल रोड जाम कर दिया और सड़क के बीच मृत गोवंश को डालकर जमकर रोष व्यक्त किया, जिससे दोनों ओर जाम लग गया तो सैकड़ों की संख्या में वाहन फंसे रहे। गोरक्षकों के रोष प्रदर्शन को देख पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्हें समझाकर शांत किया। बता दें कि केयू थर्ड गेट से लेकर सिविल अस्पताल तक के एरिया में ही तीन गोवंश रात के समय हादसों का शिकार हुए तो एक मोहननगर चौक पर अज्ञात वाहन की चपेट में आया। इससे पहले भी इसी रोड पर पुलिस लाईन के सामने एक साथ दो गोवंश कुछ ही दिन पूर्व अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए थे और ये भी दोपहर तक सड़क पर ही पड़े रहे थे, जिन्हें कुत्तों ने भी अपना ग्रास बना लिया था।
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गोरक्षकों ने पैसे जुटाकर मृत गोवंशों को दफनाया
नगर परिषद ने जब मृत गोवंशों की सुध नहीं ली तो गोरक्षकों ने अपने जैसे जुटाकर मृत गोवंशों को दफनाया। गोरक्षक अमन घराड़सी , विशाल, प्रवीण चौहान, गुरमीत सहित अन्य ने बताया कि बार-बार प्रयास के बावजूद भी नप ने मृत पशुओं की सुध नहीं ली। रात के हादसे के बाद सुबह 11 बजे तक भी मृत पशुओं को नहीं उठाया गया तो छात्र व गोरक्षक एकत्रित हुए और वे प्रदर्शन करने को मजबूर हुए।
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नहीं पहुंचे नगर परिषद कर्मी : कुलदीप
थर्ड गेट चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि जाम की सूचना मिलते ही वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया, जिसके बाद वे शांत हुए। गोरक्षकों को उस समय गहरा रोष हुआ जब बार-बार सूचना देने के बावजूद भी नगर परिषद की ओर से कोई कर्मी नहीं पहुंचा, जिसके चलते गोरक्षकों ने ही मृत पशुओं को बखतला से जेसीबी मंगवाकर अपने खर्च पर उन्हें दफनाया।
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लाइटें न होने से हो रहे हादसे
गोरक्षकों का कहना है कि शहर के पिपली कुरुक्षेत्र रोड पर भी रात के समय लाइटें नहीं जगती, जिससे सड़कों पर आए पशु वाहनों की चपेट में आ रहे है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्रशासन को लाइट व्यवस्था दुरुस्त करवाने की गुहार लगाई जा चुकी है, इसके बावजूद भी लाइटें ठीक नहीं करवाई जा सकी। इसी मांग को लेकर ही वे जाम लगाने को मजबूर हुए, जिसके चलते संबंधित अधिकारियों को लाइटें ठीक करवाने के विधायक सुभाष सुधा ने मामला संज्ञान में आने पर निर्देश दिए।
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ठेकेदार को पशु नहीं उठाने दिए : बिश्नोई
नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंद्र बिश्नोई का कहना है कि मृत पशुओं की सूचना मिलने पर उन्होंने संबंधित ठेकेदार को पशु उठाने के लिए भेज दिया था, लेकिन गोरक्षकों ने उन्हें पशु नहीं उठाने दिए और खुद ही उन्हें दफनाने की बात कहने लगे तो ठेकेदार के कर्मी वापस लौट आए। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में तीन पशु ही हादसों में मरने की सूचना है।
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बुधवार को पकड़े गए महज 6 गोवंश
नगर परिषद ने बुधवार को बेसहारा पशुओं को काबू करने का अभियान चलाया, लेकिन महज 6 गोवंश ही पकड़े जा सके, जिन्हें मथाना गोशाला में छोड़ा गया। उधर इस अभियान में संबधित ठेकेदार भुगतान के विवाद के चलते शामिल नहीं हुए। उधर नप के चीफ स्नेटरी इंस्पेक्टर का कहना है कि भुगतान के लिए जिला उपायुक्त से मंजूरी वीरवार को मिल जाने की उम्मीद है, जिसके बाद भुगतान कर दिया आएगा और पशु पकड़े जाने का अभियान इसके बाद तेज कर दिया जाएगा।