अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा। सावन की शिवरात्रि को लेकर जहां शिवभक्तों में हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लाकर शिव का रुद्राभिषेक करने का उत्साह बना हुआ है वहीं कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों की सेवा करने वाले श्रद्धालु भी तैयार हैं। लाडवा में पांच जगह कांवड़ सेवा शिविर लगते हैं। इन शिविरों में बाबा बंसी वाला वृद्धाश्रम में लगने वाला कांवड़ सेवा शिविर दो दशक से भी ज्यादा पुराना है।
कांवड़ सेवा दल की ओर से लगाया जाने वाले इस शिविर में हरिद्वार से लाडवा तक के 140 किलोमीटर के रास्ते में एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बाबा बंसी वाले वृद्धाश्रम में एक साथ डेढ़ हजार कांवड़ियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था है। पंजाब, राजस्थान व हरियाणा के ज्यादातर कांवड़ यहां से होकर गुजरते हैं जिन्हें जलपान, भोजन, चिकित्सा, व्रती कांवड़ियों के लिए फलाहार व कांवड़ झूलाने के लिए विशेष प्रबंध उपलब्ध कराए जाते हैं। लाडवा में इसके अतिरिक्त हनुमान मंदिर, ज्वाला जी मंदिर, बिजलीघर के सामने व बस स्टैंड के सामने कांवड़ शिविर लगाए जाते हैं। कांवड़ शिविरों व कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस ने भी व्यापक प्रबंध किए हैं। थाना प्रभारी निर्मल कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा में डीजे बजाने पर प्रतिबंध है, जिसके लिए कांवड़ियों को जागरूक किया जा रहा है। कांवडियों की सुविधा के लिए लाडवा-यमुनानगर मार्ग पर नाके लगाए जाएंगे व पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी।