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....... यहां न खरीददार है, न भाव और न ही भुगतान

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सेवा सिंह
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कुरुक्षेत्र। ... यहां न खरीदार है, न पूरा भाव और न ही भुगतान, तो फिर अनाज मंडी किस काम की है और अधिकारी क्या कर रहे है। यहां तो सरेआम किसानों को लूटा जा रहा है, जिस पर कोई लगाम नहीं है। ये आरोप ही नहीं बल्कि अनाज मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे नोडल अधिकारी एवं एसडीएम अनिल यादव के समक्ष किसानों द्वारा दागे गए सवाल थे, जिसके द्वारा उन्होंने अनाज मंडी की वास्तविकता का आइना दिखाया । इन सवालों को सुनकर एसडीएम न केवल सन्न रह गए बल्कि कोई जवाब भी नहीं दे पाए। वीरवार दोपहर करीब 12 बजे निरीक्षण के लिए एसडीएम नई अनाज मंडी आ रहे थे तो मंडी के बाहर से ही एक किसान उनके पीछे-पीछे मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचा और जाते ही सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के बीच ही खुले तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि साहब यहां तो सरेआम और खुले रूप से किसानों को लूटा जा रहा है। यहां न कोई निगरानी है और न कोई अधिकारी गंभीरता से ले रहा है। आढ़ती से लेकर खरीद एजेंसी भी किसान पर भारी पड़ रहे है, जो कभी नमी की सही तो कभी गलत जांच बता मनमाना रेट लगा रहे है। यह जानकर एसडीएम ने कार्यालय में ही धान के सैंपल जांच कराए।

चार दिन से धान लेकर बैठे, कोई पूछने तक नहीं आया, अब कहां जाएं
एसडीएम जैसे ही कमेटी कार्यालय से मंडी के दूसरे गेट के समीप धान की ढेरियों पर पहुंचे तो वहां भी किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गांव हथीरा के किसान कृष्ण व बचगांवा के अमृत लाल सहित कई अन्य ने बताया कि वे पिछल चार दिन से धान लेकर यहां बैठे है, लेकिन खरीद तो दूर कोई पूछने वाला भी नहीं है। कई किसानों ने बताया कि मनमाने तौर पर नमी बता रेट में भारी कटौती की जा रही है, जिससे उन्हें बड़ा नुकसान हो रहा है। आज तक चार दिन से सुखाई जा रही धान भी पूरे रेट पर नहीं खरीद जा रही जबकि पर्चा पूरे रेट का काटा जा रहा है। हालांकि इस दौरान एसडीएम ने कई ढेरियों की नमी जांच कराई तो वहीं कांटे का वजन भी कराया गया।
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एसडीएम के सामने ही नमी जांच मशीन दे गई जवाब
एसडीएम ने जब ढेरी पर पहुंच नमी जांच करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए तो वे अपने साथ लेकर आए नमी जांच मशीन ही जवाब दे गई। बाद में बताया गया कि बैटरी डिस्चार्ज को चुकी है। आनन-फानन में दूसरी मशीन मंगवाई गई, जिसके बाद तीन सेंपल जांच किए गए। इनमें एक में 17 फीसदी तो दूसरे में 23 फीसदी भी नमी पाई गई।
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एसडीएम ने मांगी रिपोर्ट
किसानों द्वारा बताई गई समस्याओं को लेकर एसडीएम ने मौके पर मौजूद खरीद व मार्केट कमेटी अधिकारियों से रिपोर्ट देने के निर्देश दिए, जिसके बाद अधिकारी कई दिनों से धान बेचने के लिए बैठे किसानों की सुध लेने में जुट गए।
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