अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में डोर-टू-डोर दस्तक देकर डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों पर काफी हद तक लगाम लगाने का दावा किया जा रहा है। बावजूद जिले में संदिग्ध डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में पहले डेंगू के छह मरीज थे वहीं चार नए मामले सामने आए हैं। रोजाना सिविल अस्पताल सहित अन्य निजी अस्पतालों में संदिग्ध डेंगूू के मरीज पहुंच रहे है। बहरहाल संदिग्ध डेंगूू मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर लोगों में दहशत फैला हुआ है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 10 तक पहुंच गई है, जबकि 307 मरीजों को संदिग्ध डेंगू की नजर से देखा जा रहा है। डेंगू के इन मरीजों का खुलासा खुद सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर किया। प्रेसवार्ता में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. एनपी सिंह, डॉ. योगेंद्र, डॉ. सुदेश सहोता, डॉ. आर सभ्रवाल मौजूद रहे। प्रेसवार्ता में सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में जिले में इस बार डेंगू व मलेरिया की स्थिति काफी हद तक कंट्रोल में है। निजी अस्पताल व लैबोरेट्री में डेंगू का टेस्ट रैपिड कार्ड के माध्यम से किया जा रहा है। जो सरकार द्वारा मान्य नहीं है। इसकी आड़ में वो मरीजों को गुमराह कर एक टेस्ट के 600 रुपये वसूल रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग द्वारा यह टेस्ट एलिजा के माध्यम से फ्री किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार एवं स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के निर्देशानुसार क्लीनिक लैबोरट्री में रिपोर्ट तैयार करने के लिए एमबीबीएस स्तर के चिकित्सक की हस्ताक्षरित रिपोर्ट जरूरी कर दी गई है। लैब सहायक और अन्य स्टॉफ के लिए बीएसएसी, एमएससी व अन्य डिग्री लेने वाले को लैब में टेस्ट लेने की अनुमति है, लेकिन लैबोट्ररी रिपोर्ट पर आरएमपी की योग्यता कम से कम एमबीबीएस हो, के हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट को ही मान्यता दी जाएगी। इन आदेशों की अवहेलना करने पर आईएमसी एक्ट 1956 की धारा 15 व अनुछेद दो के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी लैबोट्ररी संचालकों को निर्देश दिए गए है कि वे अपने दस्तावेज आगामी 3 दिनों में एलएनजेपी के एनसीडी सेल में जमा करवाएं।
सीएमओ ने दी ये हिदायत
सिविल सर्जन ने कहा कि मलेरिया विभाग द्वारा मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर डोर-टू-डोर दस्तक देकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों को हिदायत दी है कि डेंगू के मच्छर से बचने के लिए अपने कूलरों, टंकियों व गमलों में पानी जमा न रहने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहने, सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाए व अगर आसपास पानी खड़ा दिखाई दे, तो उसे खाली करें अगर संभव नहीं है खाली करना तो उसमें एक ढक्कन काला तेल डाल दें जिससे कि मच्छर का लारवा नष्ट हो जाएगा व मच्छर के पैदा होने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
एंटी लारवा अभियान के लिए बनाई है 20 टीमें
सीएमओ ने बताया कि डेंगू व मलेरिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 20 टीमें शहरी क्षेत्र में कार्य एंटी लारवा अभियान सुचारु रूप से चला रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 680 से ज्यादा टीमें बनाई गई है जो कि घर-घर जाकर डेंगू का लारवा ढूंढ कर उन्हें नष्ट करने का कार्य कर रही है व आमजन को जागरूक कर रही है।