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सभी सरकारी विवि में अगले सत्र से यूजी की परीक्षाएं 26 दिन में और पीजी की होंगी 20 दिन में

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सभी सरकारी विवि में अगले सत्र से यूजी की परीक्षाएं 26 दिन में और पीजी की होंगी 20 दिन में
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अगले सत्र से हरियाणा के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में यूजी की परीक्षाएं 26 दिन में और पीजी की परीक्षाएं 20 दिन में पूरी कराने की योजना है। यह निर्णय केयू में हरियाणा के सभी विश्वविद्यालयों के अधिकारियों की हुई राउंड टेबल मीटिंग में लिया गया। दाखिले कब तक होंगे और परिणाम कब तक आएगा, यह भी पहले ही तय कर लिया जाएगा। इसके लिए कुछ विश्वविद्यालयों के परीक्षा नियंत्रकों की एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फाइनल रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके आधार पर परीक्षा संबंधित निर्णय लिया जाएगा। दरअसल केयू सहित हरियाणा के अधिकांश विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी एक से डेढ़ वर्ष तक रिजल्ट का इंतजार करते हैं। इससे उनकी आगे की पढ़ाई प्रभावित होती है।
बैठक में यह भी बात सामने आई कि सेमेस्टर प्रणाली में परीक्षा और मूल्यांकन को समय अधिक दिया जा रहा है। इस कारण क्लास रूम टीचिंग की अवधि कम हुई है। इसलिए यह जरूरी है कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अगले सेमेस्टर की परीक्षाएं निर्धारित समयावधि में कराई जाएं। इससे क्लास रूम टीचिंग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। बैठक में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि परीक्षा संबंधी सुधारों के लिए छात्र केंद्रित नीतियां बनाने की आवश्यकता है। मूल्यांकन में तेजी लाकर परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकते हैं। इसके लिए हमें विश्वविद्यालयों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के नजरिये को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परीक्षा फार्म के भरने, दाखिला, परीक्षा और परिणाम के लिए एक निश्चित समयावधि निर्धारित करने की आवश्यकता है। परीक्षा तंत्र में सुधार के लिए विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर ही निर्णय लिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा परिणाम मिलेंगे और उनका मूल्यांकन सही तरीके से होगा तो उनका परीक्षा तंत्र में विश्वास बढ़ेगा। कुलपति ने कहा कि प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में सुधार के लिए प्रयास जारी हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को परीक्षा तंत्र में सुधारों की जिम्मेदारी मिली है। इसलिए विश्वविद्यालय ने दाखिले से लेकर परिणाम तक के स्टूडेंट लाइफ साइकिल के ऑटोमेशन का निर्णय लिया है। विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलें, इसके लिए नैड से समझौता किया गया है। कुलपति ने कहा कि मूल्यांकन की गति को बढ़ाकर परीक्षा परिणाम को समय पर घोषित किया जा सकता है।
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इन्होंने व्यक्त किए विचार
केयू के यूजीसी मानव संसाधन केंद्र की ओर से परीक्षा सुधारों पर प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के लिए आयोजित राउंड टेबल बैठक में प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में परीक्षा संबंधी सुधारों के लिए कुलसचिव, डीन अकेडमिक अफेयर और परीक्षा नियंत्रकों ने भाग लेकर परीक्षा तंत्र में सुधारों पर मंथन किया। इस मौके पर यूजीसी मानव संसाधन केंद्र की निदेशिका प्रो. नीरा वर्मा ने सभी का स्वागत किया। राउंड टेबल बैठक में निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग विजय दहिया, चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा के कुलपति विजय कायत, कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी, प्रो. एनएन डोगरा, प्रो. रजनीश शर्मा, प्रो. दिनेश कुमार, डॉ. हुकम सिंह, प्रो. नीरा वर्मा सहित प्रदेशभर विश्वविद्यालयों से आए अधिकारी और परीक्षा नियंत्रकों ने परीक्षा सुधारों के संबंध में प्रेजेंटेशन दी।
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छात्रों के कष्ट निवारण के लिए परीक्षा शाखाओं में बने विशेष सेल : ज्योति अरोड़ा
हरियाणा उच्चतर एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की मुख्य सचिव ज्योति अरोड़ा ने बैठक में कहा कि प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए छात्र कष्ट निवारण सेल का गठन होना चाहिए। सभी विश्वविद्यालय अपने पोर्टल पर विशेष रूप से इस लिंक को दें, जिससे किसी भी समस्या का तुरंत समाधान निकालकर विद्यार्थियों को बेहतरीन सुविधाएं दी जा सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। यह तब तक संभव नहीं है, जब तक परीक्षाओं के आयोजन से लेकर उनके मूल्यांकन तक में सुधार नहीं किए जाते। एक विद्यार्थी अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय यूनिवर्सिटी और कॉलेज में बिताता है। ऐसे में उसके जीवन और कॅरियर को सही दिशा मिले और अच्छी सुविधाएं मिलें, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली में परीक्षा और मूल्यांकन को समय अधिक दिया जा रहा है। इस कारण क्लास रूम टीचिंग की अवधि कम हुई है। जरूरी है कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अगले सेमेस्टर की परीक्षाएं निर्धारित समयावधि में करवाई जाएं। इस मौके पर उन्होंने परीक्षा तंत्र में सुधारों के लिए सभी अधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किए।
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