फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: भूमि अधिग्रहण मामले में 2019 के मुआवजे को रखा बरकरार

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अमरिंदर शर्मा की अदालत ने लगभग एक दशक पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के चौड़ीकरण और निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे को बढ़ाने की मांग से संबंधित मामले में किसानों की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने सरकार की ओर से 3 अप्रैल 2019 को दिए गए मुआवजे को बरकरार रखा है। इससे जिले के लोटनी, सूरजगढ़, इस्माईलाबाद और जलबेहड़ा के साथ-साथ कई अन्य गांव के किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरा है। यह मामला 2015 में शुरू हुआ और 2019 में एडीसी की अदालत ने मामले को खारिज करने के बाद जिला न्यायालय तक पहुंचा, जो अब अंतिम फैसले तक पहुंचा है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एनएच-65 के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) ने 6 जनवरी 2015 को मुआवजा जारी किया जिसमें प्रति एकड़ 30 लाख रुपये का मुआवजा, 30 प्रतिशत सोलेशियम और 12 प्रतिशत अतिरिक्त राशि तय की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि उनकी जमीन का बाजार मूल्य दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ से अधिक था, क्योंकि यह राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट थी और आसपास व्यावसायिक गतिविधियां जैसे कारखाने, पेट्रोल पंप और होटल मौजूद थे। उन्होंने तर्क दिया कि डीआरओ की ओर से जारी मुआवजा अनुचित और कम था, जिसके खिलाफ उन्होंने मध्यस्थ के समक्ष याचिका दायर की थी।
मध्यस्थ, अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ने 3 अप्रैल 2019 को याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत अदालत में चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि मुआवजा अवैध था और उनकी जमीन के व्यावसायिक महत्व को नजरअंदाज किया गया। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और अन्य प्रतिवादियों ने तर्क दिया कि मुआवजा उचित था और याचिकाकर्ताओं ने बाजार मूल्य को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया।
विज्ञापन

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मध्यस्थ का मुआवजा तथ्यों और सबूतों पर आधारित था और इसमें कोई स्पष्ट अवैधता नहीं थी। न्यायाधीश ने माना कि धारा 34 के तहत हस्तक्षेप का दायरा सीमित है और याचिकाकर्ताओं की मांगें अस्पष्ट थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें