सरस्वती तीर्थ पर अतिक्रमण की जांच शुरू
- पालिका उपप्रधान का दावा, अनुमति से चल रहा सरस्वती तीर्थ पर पंप आपरेटर रूम का निर्माण कार्य
- स्थानीय अधिकारियों को निर्माण से संबंधित नहीं कोई जानकारी, सोमवार को निगरानी कमेटी के हलका संयोजक युद्धिष्ठिर बहल ने रुकवाया था काम
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। सरस्वती तीर्थ की जमीन पर अवैध अतिक्रमण करने का प्रयास करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले को लेकर पालिका के उपप्रधान और प्रशासनिक अधिकारी आमने-सामने हो गए हैं। पालिका के उपप्रधान का दावा है कि निर्माण कार्य जायज है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य को रुकवा कर जांच के आदेश दिए गए। इस बीच पालिका सचिव की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही है, जिससे मामला उलझता जा रहा है। मामले को पालिका के उपप्रधान दीपक अत्री ने दावा किया कि सरस्वती तीर्थ की जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं किया जा रहा, बल्कि पालिका की अनुमति से निर्माण कार्य जारी है। यहां निर्माण करने के लिए पालिका की ओर से टेंडर निकाला गया है तथा ठेकेदार को वर्क ऑर्डर भी दिया है। उक्त जमीन पर 5 लाख रुपये की लागत से एक पंप ऑप्रेटर रूम का निर्माण किया जाएगा। यहां किसी तरह का कोई अतिक्रमण नहीं किया जा रहा। वहीं मामले में स्थानीय अधिकारियों को निर्माण से संबंधित कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने मामले की जांच के निर्देश भी दिए हैं। पालिक सचिव निशा शर्मा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आ रही। निशा शर्मा ने शनिवार को मामले की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी उनकी तरफ से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। हैरानी की बात है पालिका सचिव को सरस्वती तीर्थ पर ऐसे किसी निर्माण की जानकारी तक नहीं थी। मंगलवार को भी इसी मामले को लेकर उनसे बात करने के लिए कॉल की गई तो उन्होंने रिसीव नहीं की। उधर, एसडीएम निर्मल नागर ने बताया कि पालिका सचिव मंगलवार को छुट्टी पर हैं। उन्होंने पालिका सचिव को मामले की रिपोर्ट, वर्क ऑर्डर तथा टेंडर सहित सभी जानकारी के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल काम बंद कर दिया गया है।
बाक्स
सोमवार को बंद हुआ था काम
-----------------------------------------
निगरानी कमेटी के हलका संयोजक युद्धिष्ठिर बहल ने सोमवार को इस अतिक्रमण के काम को बंद कराया था। एसडीएम निर्मल नागर ने भी मामले की जांच होने तक काम को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। पालिका उपप्रधान दीपक अत्री ने बताया कि काम बंद होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनसे कमरे के निर्माण के लिए जगह की निशानदेही की बात पूछी गई तो बताया कि केडीबी ने पालिका को तीर्थ की देखरेख तथा रखरखाव का जिम्मा पालिका को दिया है। ऐसे में पालिका अपने स्तर पर कहीं भी कोई भी निर्माण कर सकती है। जगह की निशानदेही के लिए उन्हें पता नहीं है।