राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण की कर्मभूमि पर पहली बार जब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे तो वे इस पवित्र धरा के साथ गुरुकुल और सांवरे पर निहाल हो गए। जाहिर है कि सांवर भगवान श्रीकृष्ण को भी कहा जाता है, लेकिन वे जिस सांवर के दीवाने हुए वो कुरुक्षेत्र गुरुकुल का एक सांड है। हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का यह सांड आज से देश के फायर ब्रांड राजनेता और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का हो चुका है। दरअसल योगी आदित्यनाथ पहली बार कुरुक्षेत्र गुरुकुल के 106वें वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुंचे थे। इस अवसर योगी ने गुरुकुल की 300 गायों में से देसी गायों के लिए करीब एक करोड़ की लागत से बनाये गए शेड का उद्घाटन किया। योगी ने गुरुकुल की गायों के साथ जब सांवरा को देखा तो वे यकायक इसे देखते ही रह गए उन्होंने इस सांड के साथ एक फोटो भी खिंचवाई। हिमाचल के राज्यपाल ने इस सांड के गुण और वंश बेल के बारे में भी योगी को विस्तार से जानकारी दी। यह सांवरे का आकर्षण ही था कि योगी कुछ क्षण के लिए उसके पास रुके और निहारते रहे। लिहाजा देवव्रत आचार्य ने गोसेवा और गोवंश में खासी रुचि रखने वाले योगी को सहदेव सांवरा को भेंट स्वरूप देने का मन बनाया। अब जल्द सहदेव गोरखपुर में योगी की विशाल गोशाला में आकर्षण का हिस्सा बनने वाला है। अब जल्द सांवरा को कुरुक्षेत्र से गोरखपुर धाम भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
17 माह 12 दिन का है सांवरा
गिर नस्ल के सहदेव सांवरे की उम्र इस समय 17 माह 12 दिन है। उसके खाते में कई पुरस्कार भी है। उसे फरीदाबाद के किसान मेले में भी 51 हजार रुपये का पुरस्कार हासिल हो चुका है। गुरुकुल के प्रधान कुलवंत सैनी ने बताया कि सांवरा उनके गोशाला की शान है। अभी तक जिसने भी गुरुकुल की गोशाला को देखा, उनमें सभी को सैकड़ों की संख्या में सांवरा सबसे अलग ही दिखा।
अभी नानी का रिकार्ड नहीं तोड़ सकी इस सांड की मां
वर्तमान में हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जब कुरुक्षेत्र गुरुकुल के प्राचार्य थे, तब सांसरे के पिता को गुजरात से छह साल पहले पौने तीन लाख रुपये में खरीद कर लाए थे। बताया गया है कि उसकी मां एक दिन में 28 लीटर दूध देती है, जबकि नानी 35 एक दिन में लीटर दूध देती थी।