अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। पंजाब के एक युवक को बचपन से ही नशे की लत पड़ी तो उसे पूरा करने के लिए चोरी करने की राह पकड़ ली। पहले अपने भाई के साथ वारदतों को अंजाम दिया तो फिर खुद ही मंदिरों व गुरुद्वारों में रखे दानपात्रों को निशाना बनाने लगा और वह पंजाब से हरियाणा तक वारदातों को अंजाम देने लगा। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी फतेहगढ़ के गांव रत्नपालो निवासी हरविंद्र को ऐसी ही वारदात में काबू कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। लेकिन पुलिस अन्य वारदातों की जांच में सीसीटीवी कैमरे खंगालने लगी तो उसमें भी उसे देखकर दंग रह गई। उसे फिर अदालत सो प्रोडक्शन वारंट पर लिया और पूछताछ की तो आधा दर्जन वारदातें स्वीकार की। वारदातों की जांच कर रहे एएसआई रमेश कुमार ने बताया कि दान पात्र चोरी करने के आरोप में हरविंद्र को 7 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था, जिसे अदालत ने जेल भेज दिया था, लेकिन गांव धुराला सहित अन्य जगहों पर हुई घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसमें भी वहीं आरोपी दिखाई दिया, जिसके बाद आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया।
इन वारदातों को आरोपी ने किया स्वीकार
पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल के अनुसार पुलिस टीम ने आरोपी हरविंद्र से पूछताछ की तो उसने माना कि वह बचपन से नशे की आदत के अपने घर से ही चोरी करने लगा था। इसके बाद वह चोरी की वारदात अपने भाई के साथ मिलकर करने लगा। उसने माना कि इसी वर्ष एक फरवरी को झांसा में गुरु रविदास मंदिर के दान पात्र से करीब 10 हजार रुपये चुराए। 18 अगस्त रात्रि को डेरा कार सेवा बाबा चरण सिंह जोगी बस्ती के हाल में रखा दानपात्र व एक मोबाइल चोरी किया। 19 सितंबर रात को फिर वहीं से दानपात्र चोरी किया तो 20 सितंबर रात्रि को गुर्जर धर्मशाला कुरुक्षेत्र के राधा कृष्ण मंदिर में रखा दान पात्र चोरी किया तो वहीं 24 सितंबर रात्रि को गांव धुराला के पास बने गुरुद्वारा के अंदर रखे दानपात्र से 8 हजार रुपये चोरी किए। इसके अलावा कुरुक्षेत्र, शाहाबाद, लाडवा, बाबैन, इस्माईलाबाद, पिहोवा व पंजाब के अलग-अलग क्षेत्र से भी कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। आरोपी ने बताया कि उस पर पहले भी पंजाब में चोरी के तीन मामले दर्ज है। वह एटीएम से भी पैसे चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगा तो पंजाब के खन्ना पुलिस ने भाई सहित उसे भी काबू कर लिया। मई 2018 में दोनों ही लुधियाना जेल से दीवार फांदकर फरार होने में कामयाब रहे।