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टकराव की आशंका से घबराया जिला प्रशासन, आज भी नहीं दिलवा सका कब्जा

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टकराव की आशंका से घबराया जिला प्रशासन, आज भी नहीं दिलवा सका कब्जा
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
नाभीकमल ठाकुरद्वारा मंदिर की जमीन पर जिला प्रशासन में टकराव की आशंका के चलते घबराहट है। इस वजह से शुक्रवार को भी प्रशासन जमीन पर पक्षकार को कब्जा नहीं दिला सका। पुख्ता तैयारी करने के बाद प्रशासन ने किसी कार्रवाई से इंकार कर दिया। हालांकि, सिटी थाने में पहुंचा पुलिस बल आदेशों की बाट जोहता रहा। मंदिर के महंत और अन्य लोग भी प्रशासन के अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। इसके बार सभी ने जिला उपायुक्त से भेंट की तो उन्होंने उनसे एक माह का समय देन की मांग की। साथ ही अदालत में भी मामले के संवेदनशील होने का हवाला दे देते हुए समय देने की मांग की गई। लेकिन, न्यायाधीश रेनू नागर की अदालत ने प्रशासन को 23 फरवरी तक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अदालत के इन आदेशों के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एसडीएम को आदेश दिए गए। प्रशासन के इस रवैये से महंत और अन्य संबंधित लोगों में रोष है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में अपने पक्ष में आदेश मिलने के बाद मंदिर के महंत और अन्य संबंधित लोग प्रशासन की ओर से कब्जे की कार्रवाई न हो पाने के बाद कई बार डीसी को मिल चुके हैं। डीसी ने पहले दो फरवरी और बाद में पांच फरवरी का समय दिया था। पांच फरवरी को भी प्रशासन कब्जा दिलाने नहीं पहुंचा तो महंत और अन्य लोग फिर डीसी के पास पहुंचे। उस वक्त उन्हें नौ फरवरी तक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद शुक्रवार को भी प्रशासन नहीं पहुंचा। हालांकि, इसके लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली थी। नायब तहसीलदार पलविंद्र सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। पुलिस बल भी सिटी थाने में पहुंच गया था। उसे संबिधत स्थान पर रवाना होना था। लेकिन, उसे आगे जाने के लिए आदेश नहीं दिए गए। अब अदालत ने 23 फरवरी तक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बता दें कि पांच फरवरी को महंत और अन्य लोगों ने चेतावनी दी थी कि नौ फरवरी तक जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया गया तो प्रशासन के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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आपसी सहमति से मामला निपटाने का प्रयास
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही मंदिर के पक्ष में फैसला दिया हो, लेकिन कल्याण नगर में पड़ने वाली इस जमीन को लेकर मंदिर के महंत और जाट सभा के बीच टकराव की आशंका प्रशासन को है। यही कारण है कि इतने समय से यह मामला दोनों के बीच आपसी सहमति से निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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