अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
चोटी कांड की लपटें अब कुरुक्षेत्र तक भी पहुंच गई है। पहला मामला सोमवार को गांव झिरवड़ी मेें हुआ, जहां एक महिला सोने के बाद सुबह उठी तो चोटी कटी हुई मिली। इस घटना से महिला व परिजन सकते में है तो वहीं मामला पुलिस तक भी पहुंच चुका है, जिसके बाद पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गांववासी महिला एवं एक ब्यूटी पार्लर में कार्य करने वाली मंदीप कौर पत्नी करनैल सिंह के घर सुबह ही उस समय परिजनों में हैरानी व भय सा फैल गया जब उसकी चोटी कटी हुई मिली। जिसकी तत्काल ही सूचना पुलिस को दी और पुलिस ने मौके पर पहुंच मामले की जांच भी की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पुलिस न तो घटना को लेकर मामला दर्ज कर पाई थी और न ही किसी निष्कर्ष पर ही पहुंची। पुलिस के मुताबिक महिला ने बताया कि वह हर रोज की तरह अपने घर रात को सो गई थी तो दूसरे परिजन भी सोए हुए थे। गांव के साथ ही डेरों में बने अपने मकान में दो कुत्ते भी बांधे हुए थे तो सभी दरवाजे भी पूरी तरह बंद किए हुए थे। ऐसे में किसी के घर में घुसने की उम्मीद नहीं की जा सकती, इसके बावजूद चोटी कैसे कट गई, यह समझ नहीं आ रहा है। उधर, घटना की चर्चा पूरे गांव के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी फैल गई तो गांव देवीदास पुरा व पिपली में दो दिनों से लोग कुछ टोटके अपनाने लगे हैं।
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पुलिस कर रही है मामले की जांच : एसएचओ
सदर थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह का कहना है कि उनकेे पास झिरबड़ी में उक्त महिला की चोटी कटने की सूचना आई थी, जिस पर मौके पर पहुंची जांच की तो वही अभी भी पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन पता नहीं चल पाया है कि आखिर चोटी कैसे कटी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन घर के दरवाजे आदि सही रूप से बंद होने के चलते ऐसी घटना होना संभव भी नहीं लगता।
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चोटी कटना जांच का विषय : मनोचिकित्सक
एलएनजेपी सिविल अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ नरेश परूथी का कहना है कि महिलाओं की ऐसे चोटी कटना कोई घटना ही हो सकती है और यह साइक्लोजिकल समस्या भी हो सकती है। यह जांच का विषय है और इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। अनेक विशेषज्ञों ने माना है कि यह साईक्लोजिकल बीमारी ही हो सकती है।
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फोटो न -32
चोटी काटने वाली घटना को गंभीरता से नहीं ले रहा प्रशासन : दहिया
शाहाबाद। राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित समाजसेवी डॉक्टर संतोष दहिया ने चोटी काटने की घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आपराधिक तत्व किसी तरह इस घटना को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने इसके लिए पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया। दहिया ने आरोप लगाया है कि महिलाओं की चोटी काटने वाली घटनाओं को प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है। जिससे न केवल आरोपी ही पकड़ से बाहर हैं बल्कि महिलाओं के मन में भी खौफ बना हुआ है। उन्होंने कहा ऐसी घटनाओं से अंधविश्वास और कुरीतियों को बढ़ावा मिलता है और भोली भाली जनता इसका शिकार हो जाती है। सर्वजातीय सर्व खाप महापंचायत की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष दहिया ने कहा कि आज जो आपराधिक तत्व सरेआम महिलाओं की चोटियां काटने की अफवाह फैला रहे हैं। कल को वह कुछ भी हरकत कर सकते है। अगर आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो उनके हौसले बढ़ेंगे।