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अब आवारा घुम रहे गोवंश के फिरेंगे दिन

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र।
प्रदेश सरकार के कड़े निर्देशों के चलते अब शहर की सड़कों पर बेसहारा गोवंश को सहारा मिलने उम्मीद जगी है। धर्मनगरी के अधिकतर गो वंश को मथाना स्थित गोशाला में ही छोड़ा जाएगा जबकि कुछ गोवंश को बाहरी व आसपास की अन्य गोशालाओं में भी छोड़े जाने की योजना बनाई गई है।
सरकार के 15 अगस्त तक पशु मुक्त सड़कें बनाने के कड़े निर्देशों के चलते अधिकारियों की सांसे फूली हुई है। इसके चलते ही अधिकतर गोवंश को मथाना स्थित गोशाला में ही छोड़े जाने की नगर परिषद ने योजना बनाई है। वहां पहले की तरह गोवंश की बेकद्री न हो, इसकी व्यवस्था करने के लिए परिषद ने गोशाला में पहले से ही साढ़े सात लाख रुपये भी जमा करवा दिए है। अब नगर परिषद प्रशासन को भी उम्मीद है कि इस बार वहां पर गोवंश बेहतर तरीके से रहेगा। बता दें कि प्रदेश सरकार ने जहां करीब दो माह पहले ही 15 अगस्त तक पशु मुक्त सड़कें बनाने के आदेश दिए हुए है वहीं शनिवार को भी एससीएस राकेश गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेसिंग कर अधिकारियों को इन निर्देशों पर कड़ाई से अमल करने को कहा है। यहां तक कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अगस्त के बाद सड़कों पर पशु नजर आए तो संबंधित अधिकारियों को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। गौरतलब है कि पहले भी परिषद प्रशासन ने शहर से सैकड़ों गोवंश को मथाना गोशाला में छोड़ा था, जहां करीब दर्जन भर गोवंश की मौत हो गई थी तो वहीं यहां उनके रखरखाव व व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। इसी परेशानी से बचने क लिए इस बार नगर परिषद ने पहले से ही उक्त राशि भी जमा करवा दी है।
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अभी भी सड़कों पर सैकड़ों गोवंश
धर्मनगरी की सड़कों पर अभी भी सड़कों गोवंशों का जमावड़ा रहता है। विशेष तौर पर रात के समय शहर की मुख्य सड़कों से भी वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है तो वहीं कई गोवंश की हादसों के चलते मौत हो चुकी है तो लोग भी चोटिल हुए है। अब नगर परिषद कड़े निर्देशों के बावजूद 15 अगस्त तक इन सड़कों को पशुओं से मुक्त कर पाएगी यह तो उसी समय ही पता चल पाएगा।
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इस बार नहीं होगी अव्यवस्था : भारती
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि अब मथाना गोशाला में गोवंश को लेकर कोई अव्यवस्था नहीं रहेगी। जहां पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी वहीं दो दिन पूर्व ही परिषद की ओर से साढ़े सात लाख रुपये भी जमा करवा दिए है। सबसे अधिक गोवंश यहीं पर छोड़ा जाएगा तो वहीं दूसरी समीप लगती गोशालाओं में भी कुछ गोवंश भेजे जाएंगे।
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