राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। दिल्ली के विकास की खुशबू हरियाणा में सियासी फिजां को बदलने का दम रखती है। इसका बड़ा कारण यह है कि दिल्ली की आधी आबादी की जड़ हरियाणा में है। इसके अलावा रोजगार इत्यादि कार्यों से रोजाना हरियाणा के लोग लाखों की संख्या में दिल्ली आते हैं। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार के कामकाज से हुए विकास और सुधार का अंदाजा यह लोग भली प्रकार लगा चुके हैं। लिहाजा 2019 में इन्हीं लोगों की सूझबूझ हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने का काम करेगी। यह दावा आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद डॉ. सुशील कुमार ने कुरुक्षेत्र सेक्टर-17 स्थित अमर उजाला कार्यालय में बातचीत के दौरान किया।
हरियाणा में सत्तासीन भाजपा फील गुड में है और कांग्रेसी दिग्गज अपनी पार्टी के अच्छे दिन आने का दावा कर रहे हैं और इनेलो-बसपा गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है, इन हालात में आम आदमी पार्टी का हरियाणा में क्या प्रभाव है ? इस सवाल के उत्तर में डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के तीन तरफ हरियाणा है और हरियाणा के लोग राजनीतिक सूझबूझ भी रखते हैं। यहां कांग्रेस, इनेलो और भाजपा जैसे दल कई बार सत्ता में रहे हैं, लेकिन अपने शासनकाल में ज्यादा परिवर्तन नहीं कर पाये। इनसे अलग दिल्ली राज्य में पहली बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है और इस अवधि में केजरीवाल सरकार ने शिक्षा, चिकित्सा और सुरक्षा के अलावा अन्य विकास कार्यों के लिये जो किया, उसका परिणाम जनता के सामने है।
अन्य राज्यों से सस्ते दाम पर दे रहे हैं बिजली
दिल्ली अनेकों राज्यों से बिजली खरीदकर बेचता है, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार अन्य राज्यों से सस्ते दाम पर बिजली की सप्लाई दे रहा है। दिल्ली पानी के लिये हरियाणा पर निर्भर है, फिर भी मौजूदा दिल्ली सरकार प्रत्येक परिवार को तीन हजार लीटर पानी मुफ्त दे रही है।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों के हालात खराब
सांसद ने कहा कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों के हालात बगैर संसाधनों के काफी खराब हो चुके हैं, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार 24 प्रतिशत बजट खर्च किया जा रहा है। यह पहली बार हुआ है जब प्राइवेट स्कूलों को छोड़ कर विद्यार्थियों के दाखिले राजकीय विद्यालयों में कराये जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों का रिजल्ट प्राइवेट स्कूलों से बेहतर आया है और 90 प्रतिशत से ऊपर आया है, जबकि दिल्ली का अपना कोई शिक्षा बोर्ड ही नहीं है। परीक्षा परिणाम सीबीएसई के तहत आता है। ये भी नहीं कह सकते की सरकार ने ऐसा करने में भूमिका निभाई। वो सरकार जो दिल्ली सरकार के विरोध में रहती है, उसके अधीनस्थ बाडी ने हिंदुस्तान का सबसे बेहतर रिजल्ट दिया है।
घायल को सड़क से उठाकर ले जाने पर देते हैं दो हजार रुपये
राज्यसभा सांसद ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के मामले में दिल्ली सरकार नंबर वन पर है। हिंदुस्तान के किसी भी राज्य से अगर कोई व्यक्ति दिल्ली में आकर हादसे का शिकार हो जाता है तो उसके इलाज का पैसा दिल्ली सरकार देती है। यहां तक की जो शख्स हादसेे का शिकार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है उसे भी 2000 रुपये देने का काम दिल्ली सरकार द्वारा किया जा रहा है। यही कारण है कि मेडिकल सुविधा में दिल्ली नंबर वन पर आ चुका है। हरियाणा में भी ऐसी मेडिकल सुविधाओं की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय दल समझ चुके हैं, बढ़ रहा है क्षेत्रीय दलों का दबदबा
डॉ. गुप्ता ने कहा कि कर्नाटक की राजनीति में जिस तरह से लोकतंत्र की हत्या का प्रयास हुआ, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की बदौलत जैसे लोकतंत्र बच सका, इन सबके बीच जनता के सामने भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव में जितना नुकसान भाजपा को हुआ, उससे कांग्रेस को भी कोई ज्यादा लाभ नहीं मिला है। इससे यह बात साबित हो चुकी है कि क्षेत्रीय दलों की पकड़ बढ़ रही है और भाजपा-कांग्रेस जैसे बड़े राष्ट्रीय दलों का भी क्षेत्रीय दलों के बिना गुजारा नहीं है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के नाम पर मोदी प्रधानमंत्री बने, लेकिन भारत एशिया का सबसे भ्रष्ट देश बन चुका है।