बाबैन पंचायत समिति के चेयरमैन व वाईस चेयरमैन की चौधर खत्म
- विरोध में आए 8 सदस्य, अविश्वास प्रस्ताव पास
- नए चुनावों को लेकर चुनाव आयोग को भेजा मामला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बाबैन पंचायत समिति की चेयरमैन शीलू कुमारी व वाईस चेयरमैन मोहित शर्मा की चौधर आखिरकार नहीं रही। उनके विरोध में 12 में से आठ सदस्यों ने अविश्वास जताया। इसके साथ ही उनकी इन पदों से छुट्टी कर दी गई।
एडीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में सुबह ही जिला सचिवालय में इस मामले के चलते सभी सदस्यों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें दोनों पदों को लेकर फैसला किया जाना था। इस बैठक में नीलम रानी, गौरव कुमार, मलकित सिंह, शीलू कुमारी, जिला सिंह, सुनीता देवी, निर्मला देवी, सुरेंद्र सिंह, मोहित शर्मा, ऋषि पाल, रीटा रानी व संजीव सैनी सभी सदस्य उपस्थित हुए जबकि जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के अलावा विभाग के सभी अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि चेयरमैन व वाईस चेयरमैन के समर्थक भी इस दौरान सचिवालय पहुंचे तो भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। बैठक में कार्रवाई शुरू करते हुए सदस्यों से पक्ष व विपक्ष में प्रस्ताव मांगे तो आठ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इसके साथ ही उनके चेयरमैन व वाईस चेयरमैन के इन पदों पर न रहने का निर्णय लिया गया। इस बैठक के साथ ही अब इन पदों पर चुनाव के लिए अगली कार्रवाई भी शुरू की गई। जहां अविश्वास प्रस्ताव आते ही चेयरमैन व वाईस चेयरमैन के चेहरों पर मायूसी छा गई वहीं सदस्य भी तरह-तरह की चर्चा करते रहे। बता दें कि उक्त दोनों पदों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सिमिति सदस्यों में खींचतान चल रही थी। हालांकि चेयरमैन व वाईस चेयरमैन अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव न आने का दावा करते रहे और कई सदस्यों को अपने संपर्क में करने के लिए जोड़तोड़ भी किए जाते रहे, लेकिन शुक्रवार को हुई बैठक में आठ सदस्यों ने दोनों के विरोध में अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
चुनाव आयोग को भेजा मामला: प्रताप सिंह
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रताप सिंह ने बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि चेयरमैन व वाईस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 12 में से 8 सदस्य आ गए, जिसके साथ ही उन्हें इन पदों से हटा दिया गया । अब इन पदों के लिए दोबारा से चुनाव होंगे, जिसकी तिथि चुनाव आयोग ही तय करेगा। पूरे मामले की रिपोर्ट जिला उपायुक्त के माध्यम से राज्य चुनाव आयोग को भेज दी है।