अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पिछले छह दिनों से मांगों को लेकर हड़ताल पर उतरे 291 एनएचएम कर्मियों की विभाग ने नौकरी से छुट्टी कर दी है जबकि मांगों से लेकर बर्खास्त किए जाने के मामले के संबंध में भी विभाग व कर्मचारी आमने-सामने आ गए है। जहां विभाग के अधिकारी उक्त कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के दावे कर रहे है वहीं कर्मचारियों का दावा है कि मिशन निदेशक ने उन्हें बर्खास्त किए जाने को लेकर एक दिन की सोमवार तक के लिए ढील दी है।
कर्मचारियों का मानना है कि दो दिन पहले दिए बर्खास्तगी सूचना पत्र के अनुसार समय समाप्त हो चुका है, लेकिन मिशन निदेशक ने किसी भी कर्मी को अभी तक बर्खास्त न किए जाने और सोमवार तक ढील दिए जाने की घोषणा की है। इसी के चलते ही अब यह मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से लेकर मिशन निदेशक के लिए भी गले की फांस बन चुका है तो वहीं कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल राजनैतिक नुमाइंदों के लिए अपनी-अपनी उम्दा सियासी जमीन तैयार करने का प्लेटफार्म बन चुकी है। हड़ताल के चलते रविवार को छठे दिन कर्मचारियों ने दिन भर जमकर प्रदर्शन किया और नोटिस दिए जाने के बावजूद वे काम पर नहीं लौटे वहीं विभाग ने उन्हें अब अपना कर्मचारी मानने से ही इंकार कर दिया है।
स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बाधित
वहीं विभिन्न परियोजनाओं एवं विभागों की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बाधित हो रही है और कर्मचारियों और विभाग के बीच तनातनी के चलते मरीजों को भारी परेशानी झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है। एलएनजेपी सिविल अस्पताल में रविवार को हालात ये रहे कि विभाग के लचर रवैये और टर्मिनेशन नोटिस व अब अधिकारियों के ब्यान से गुस्साए हड़ताली कर्मियों ने आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया, जिसका सीधा असर मरीजों की जिंदगी पर पड़ने की संभावना है। रविवार को हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मियों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। दूसरे दिन भी बच्चों को साथ लेकर हड़ताल स्थल पर पहुंची महिला कर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी खूब तंज कसे। इस दौरान हौसला बढ़ाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ सहित बड़ी संख्या में अनुबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
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मथाना व खानपुर कोलियां स्वास्थ्य केंद्र के कर्मी भी हड़ताल में उतरे
विभाग जहां 291 कर्मियों के अलावा अन्य कर्मियों को ड्यूटी पर होने के दावे कर रहा है वहीं रविवार को अधिकारियों के दबाव के चलते ड्यूटी पर लौटने वाले मथाना व खानपुर कोलियां स्वास्थ्य केंद्रों से भी 6 कर्मी वापस हड़ताल में उतर आए। स्टाफ नर्स प्रधान कुलविंदर कौर ने बताया कि यह कर्मी अब पूरी तरह से हड़ताल में शामिल रहेंगे जबकि रविवार को हड़ताल से एक भी कर्मी ड्यूटी पर नहीं लौटा। रविवार व शादियों का सीजन होने के बावजूद भी हड़ताल पर 270 कर्मी रहे और सोमवार को यह संख्या और भी बढ़ जाएगी।
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बेरोजगार होने से पहले ही रेहड़ी पर सामान ढोने की तैयारी
प्रदेश सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग के रवैये से आहत हड़ताली कर्मियों ने नए रोजगार की तैयारी शुरू कर दी। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कर्मियों ने रेहड़ी पर ईंटें तथा आसपास पड़ा कचरा लादकर मजदूरी करने का अभ्यास करके रोष जाहिर किया। कर्मियों का कहना था कि सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग मांगें पूरी करने की बजाय उन्हें बेरोजगार करने पर तुला हुआ है। सोहन सिंह ने कहा कि टर्मिनेशन पत्र के माध्यम से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। कभी भी उनकी नौकरी हड़पी जा सकती है। इसी के चलते उन्होंने रेहड़ी पर सामान ढोने की प्रैक्टिस की। हालांकि उन्होंने तंज कसा कि मजदूर भी साढ़े तीन सौ रुपये से अधिक दिहाड़ी लेता है, जबकि उन्हें इसके हिसाब से बेहद कम वेतन मिलता है।
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सभी कर्मचारी एकजुट, होगी आर-पार की लड़ाई : कुलविंदर
स्टाफ नर्स प्रधान कुलविंदर कौर ने बताया कि मिशन निदेशक कार्यालय की ओर से नए निर्देशों में अब सोमवार तक समय बढ़ाया गया है और यदि हड़ताल खत्म नहीं की तो टर्मिनेट कर दिया जाएगा, लेकिन, वे इससे डरने वाले नहीं है। स्थानीय अधिकारी रविवार को ही उन्हें हटा दिए जाने के ब्यान दे रहे है, लेकिन इसके बावजूद उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा। कर्मचारी एकजुट हैं और आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। कौर ने स्पष्ट कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती, हड़ताल पहले से अधिक तेजी से जारी रहेगी।
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आप ने बताया भाजपा सरकार को जुमलेबाज
हड़ताल में दूसरी बार पहुंचे आम आदमी पार्टी के जिला पदाधिकारी ओम सिंह ने भाजपा सरकार को जुमलेबाज बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनाने से पहले प्रत्येक देशवासी के खाते में 15-15 लाख रुपये आने की बात जुमला निकली। केवल वोट हासिल करने के लिए भाजपा द्वारा ऐसे हथकंडे अपनाए गए, जबकि असलियत सबके सामने है। अब हरियाणा भाजपा सरकार भी हड़ताली कर्मियों की मांगें पूरी करने मेें देरी कर रही है, जोकि न्यायसंगत नहीं है।
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दिनभर भटकते रहे मरीज
हड़ताल के कारण प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं के कारण मरीज दिनभर इधर-उधर भटकते रहे। न स्टाफ नर्स की मदद मिल पाई और न ही आपातकालीन स्थिति में 108 नंबर की पूर्णत: सर्विस मिली। कई लोग मरीजों को निजी वाहनों में लाते रहे तो कुछ सही इलाज न मिलने पर वापसी कर गए। डिलीवरी के लिए महिलाओं को अस्पताल में लाने के लिए कई लोगों को ऑटो का सहारा लेना पड़ा तो कई को डिलीवरी के बाद बाइक से ही अपने घर लौटने को मजबूर होना पड़ा। अस्पताल में कई मरीजों को इंजेक् शन तक नहीं लग पाए ।
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291 कर्मचारी किए जा चुके है बर्खास्त : सीएमओ
हड़ताल पर उतरे 291 एनएचएम कर्मियों को ड्यूटी पर न लौटने के चलते बर्खास्त करने संबंधित सूचना पत्र दिया गया था, जिसके अनुसार उन्हें शनिवार को ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन वे नहीं लौटे। इसके चलते रविवार को ये सभी दिए नोटिस के अनुसार बर्खास्त कर दिए गए और अब ये विभाग के अंतर्गत कर्मचारी नहीं रहे। अब मामला सरकार के अधीन है और जैसे ही आदेश आएंगे, वैसे ही अगली कार्रवाई भी की जाएगी। ड्यूटी पर लौटने के बाद भी हड़ताल पर जाने वाले कर्मियों की भी जांच की जाएगी और हड़ताल में जाना पाया गया तो उन्हें भी सोमवार को बर्खास्त कर दिया जाएगा। जनता को हड़ताल के चलते किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है और विभाग पूरी तरह से सतर्क है।
डॉ. एसके नैन, सीएमओ