अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा नैतिक और मानवीय मूल्यों की पहचान है। इसके बिना शिक्षा अधूरी है। शिक्षक शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को संस्कार भी दें। राष्ट्र को सभ्य नागरिक मिल सकें। वे शुक्रवार को गुरुकुल कुरुक्षेत्र के दो दिवसीय 105वें वार्षिक महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने गुरुकुल के दो दिवसीय वार्षिक महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ‘ओम पताका’ फहराकर किया। उन्होंने कहा कि एक अच्छे समाज के लिए शिक्षित और स्वस्थ नागरिक का होना जरूरी है। स्वस्थ व्यक्ति के मस्तिष्क में ही स्वस्थ दिमाग का वास होता है। परिवार विद्यार्थी की पहली पाठशाला है। इसलिए परिवार के लोगों को अपने आचरण और व्यवहार को उदात्त बनाना चाहिए ताकि उनके बच्चे उनसे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेलों में भी भाग लेना चाहिए। इससे न केवल वे मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी सबल होंगे।
गुरुकुल के निदेशक और प्राचार्य कर्नल अरुण दत्ता ने मुख्य अतिथि के समक्ष गुरुकुल की समस्त गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि गुरुकुल के छात्र शिक्षा और क्रीड़ा के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरुकुल के अनेक छात्र एनडीए, एमबीबीएस, आईआईटी आदि में चुने गए हैं। समारोह को मुख्यमंत्री के सलाहकार योगेंद्र मलिक, सेवा भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सुधीर कुमार ने भी संबोधित किया। गुरुकुल के छात्रों ने मनोहारी योगासन, जिम्नास्टिक, रस्सी मल्लखंभ पर हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। गुरुकुल के निशानेबाजों ने ‘अभिनन्दन पट्टिका’ का लक्ष्य-भेदन कर मुख्य अतिथि का अनुपम ढंग स्वागत किया। योगेंद्र मलिक, सुधीर कुमार ने गुरुकुल के छात्रों की विज्ञान-प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन किया। इस अवसर पर गुरुकुल के सह-प्राचार्य शमशेर सिंह, मुख्य लेखाकार सतपाल सिंह, प्रेस प्रवक्ता डॉ. श्यामलाल शर्मा, नंदकिशोर आर्य गुरुकुल के समस्त अध्यापक आदि उपस्थित रहे।