अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
एक जुलाई से लागू किए गए जीएसटी को एक माह बीतने के बाद भी बाजार अब तक रफ्तार नहीं पकड़ सका है। आज भी मार्केट का 70 फीसदी कारोबार ठप पड़ा है। बड़े व्यापारी और सामान्य दुकानदार से लेकर आम लोग भी अब तक जीएसटी को समझ नहीं पाए है। जीएसटी नंबर लेने के लिए पंजीकरण से लेकर इसके फाइल करने जैसी समस्याओं के चलते जीएसटी लागू होने को लेकर आज भी पहले दिन जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। वहीं अधिकतर आम लोग भी खरीददारी से किनारा ही कर रहे हैं।
व्यापारिक और कारोबारी लोगों को जीएसटी के बारे में पूरी जानकारी दिए जाने के प्रयास भी अभी सिरे चढ़ते नहीं दिखाई दे रहे है। सर्राफा से लेकर दूसरे बाजारों पर भी जीएसटी की मार पड़ी हुई है। करीब 50 फीसदी से अधिक दुकानदार आज भी पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही कारोबार कर रहे है तो अधिकतर दुकानदारों के पास आज भी जीएसटी पंजीकरण नंबर नहीं है। हालांकि सामान्य दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी भी जीएसटी की सराहना कर रहे है, लेकिन प्रशासनिक व सरकारी तौर पर आज तक भी उन्हें जीएसटी के लिए पंजीकरण करवाने से लेकर जानकारी नहीं है। यही कारण है कि अधिकतर दुकानदार आज भी असमंजस में दिखाई पड़ रहे है। इन सब हालात के बीच अनेक दुकानदार जीएसटी के भविष्य में होने वाले फायदे की संभावना जताई, लेकिन आम लोगों की जेब व गृहणियों के बजट पर अभी इसका कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है।
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नहीं लग पाई अभी कोई क्लास
जीएसटी को अमल में लाने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को समझाने के लिए विशेषज्ञों की ओर से अभी कोई क्लास नहीं लगाई जा सकी है जबकि प्रशासनिक अधिकारी ही अभी तक व्यापारिक लोगों की बैठकें लेकर इसे लागू करने के निर्देेेश देते रहे है। दुकानदारों की मानें तो अभी वे जीएसटी के पंजीकरण जैसी पहली प्रक्रिया से भी अनजान है। अभी वे मीडिया में ही आ रही सूचनाओं से ही जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि सरकार की ओर से यह कर लागू होने के करीब 10 दिन बाद ही विशेषज्ञों द्वारा कारोबारियों व छोटे दुकानदारों को भी इसकी पूरी जानकारी देने के लिए क्लास लगाए जाने के दावे किए गए थे।
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आज भी 80 फीसदी कारोबार मंदा: गांधी
अखिल भारतीय उद्योग विकास सुरक्षा मंच के प्रदेश महामंत्री एवं कुरुक्षेत्र व्यापार मंडल के प्रधान फतेहचंद गांधी का कहना है कि जीएसटी के कारण एकाएक बाजार में आई मंदी आज भी कायम है। करीब 80 फीसदी तक कारोबार आज तक भी नहीं उठ पाया है। बड़े कारोबारियों में हालांकि जीएसटी के लिए पंजीकरण करवाने को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है लेकिन छोटे दुकानदार एक माह बाद भी इसे समझ नहीं पा रहे है और यही कारण है कि अधिकतर दुकानदारों ने नए माल का आर्डर पिछले एक माह से आज तक नहीं दिया है। उनका कहना है कि सरकार व प्रशासन को सभी दुकानदारों के लिए कई दिनों का कार्यक्रम अलग-अलग आयोजित कर इसकी पूरी जानकारी दें।
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नहीं उठाया जा रहा नया स्टॉक: विजय
कपड़ा व्यापारी लाला विजय कुमार का कहना है कि कपड़े पर जीएसटी का भार अधिक पड़ा है और अभी कोई स्थिति साफ नहीं हो पा रही है, जिसके चलते नया स्टॉक नहीं उठाया जा रहा जबकि एक माह के दौरान उन्हें करीब 70 फीसदी तक मंदी का सामना करना पड़ा है।
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सर्राफा कारोबार करने से पीछे हटने लगे : गोयल
जीएसटी के चलते स्वर्ण कारोबार करने से अब इस कारोबार में लगे लोग पीछे हटने लगे है। करीब 60 फीसदी तक जीएसटी लागू होने से लेकर आज तक मंदा रहा है। स्वण कारोबार को लेकर जीएसटी में कई अधिक शर्तें भी रखी गई है, जिसके चलते इस कारोबार में लगे लोगों में कुछ भय सा दिखाई पड़ने लगा है।
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अभी नहीं दिखाई दे रहा जीएसटी का फायदा : विक्की
शहरवासी दुकानदार विक्की का कहना है कि जीएसटी लागू हुए भले ही एक माह हो गया हो, लेकिन आम लोगों को आज भी इसका कोई बड़ा फायदा नहीं हो पाया है। अधिकतर दुकानदार पुराने सिस्टम अनुसार हुी सामान बेच रहे है तो वहीं आम लोग भी सिर्फ जरूरत का सामान ले रहा है। अगले कुछ माह तक ही आम लोगों को इसका फायदा होने की उम्मीद की जा सकती है।
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रसोई पर पड़ी जीएसटी की मार : नीलम
शहरवासी गृहणी नीलम रानी का कहना है कि जीएसटी का अभी तो कोई फायदा नहीं हो पाया है, लेकिन इसकी रसोई के बजट पर अवश्य ही मार पड़ी है। रसोई का अधिकतर हर रोज काम आने वाला सामान महंगा ही हुआ है। अधिकतर दुकानदार बिना बिल के ही पुराने सिस्टम अनुसार ही उन्हें सामान देते है। सरकार को जीएसटी लागू करने में रसोई के सामान को बड़ी राहत देनी चाहिए थी।