कुरुक्षेत्र। एक योद्धा जिसने मुगलों को हराया, एक शूरवीर जिसने सिक्खों का नाम बढ़ाया, ऐसे महान शहीद बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत के अवसर पर उनके जीवन संघर्ष को जानना सभी के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। ऐसा ही कुछ हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर की भरतमुनि रंगशाला में देखने को मिला। महान शहीद बाबा बंदा सिंह के 301वें शहीदी दिवस पर आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव में दूसरे दिन बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन से संबंधित शहीद की शहादत की चंडीगढ़ से नरेंद्र सिंह नीना व गोपाल शर्मा व कलाकारों द्वारा मंचित लाइट एंड साउंड शो का आयोजन कर याद दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मैक मुख्य सलाहकार महेश जोशी ने की जबकि मंच संचालन विकास शर्मा ने किया। लाइड एंड साउंड शो में बाबा बंदा सिंह के जीवन संघर्ष को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। लगभग डेढ़ घंटे की प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस प्रकार बाबा बंदा सिंह ने मुगलों से लोहा लेकर धर्म की रक्षा की तथा मानवता को जिंदा रखा। वहीं धर्म के पालन के लिए अपने पुत्र को भी कुर्बान कर दिया। मुगलों के अत्याचार सहन करते हुए लोगों का रुदन तथा बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत ने सभी के रोंगटे खडे़ कर दिए। मार्मिकता की प्रस्तुति देखकर दर्शक स्वयं को भावुक होने से नहीं रोक पाए।
मैक में कहानियों का मंचन आज
मैक में महान बाबा बंदा सिंह बहादुर के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव के समापन अवसर पर रविवार को कहानियों का मंचन किया जाएगा। यह जानकारी मैक के मुख्य सलाहकार महेश जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि पिछले 20 दिन से मैक में आयोजित कहानियों का रंगमंच कार्यशाला में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थी प्रो. देवेंद्र राज अंकुर के निर्देशन में तीन अलग-अलग कहानियों का मंचन करेंगे।