संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर अमेरिका से कानून की पढ़ाई करके भारत लौटे एक युवक को तीन गुना से ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर उससे कुल 17.57 लाख ठग लिए। पीड़ित ने साइबर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कुरुक्षेत्र के रहने वाले पीड़ित युवक शिव दयाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे पिछले वर्ष कानून की पढ़ाई के लिए अमेरिका गए थे और करीब तीन महीने पहले ही भारत वापस आए थे।
सितंबर में उनके व्हाट्स एप पर एक अनजान नंबर से कर्ण सिंह नाम के शख्स का संदेश आया। कर्ण ने उन्हें ट्रेडिंग में निवेश करने का लालच दिया और अपनी बातों में फंसा लिया। आरोपी ने एक लाख रुपये लगाने पर चार लाख और चार लाख लगाने पर 12 लाख तक का लाभ देने का वादा किया। विश्वास दिलाने के लिए उसने कई चैट्स और दस्तावेज भेजे। ठग ने पीड़ित को एक वॉट्सऐप ग्रुप में शामिल किया। शुरुआत में भरोसा बनाने के लिए युवक ने 50 हजार रुपये निवेश किए। इसके बाद ठग ने उनके फोन में कॉनीफर नाम का ऐप डाउनलोड करवाया, जिसमें निवेश और मुनाफे की डिटेल्स दिखाई जाती थी। कुछ दिनों बाद ऐप पर तीन लाख रुपये का मुनाफा दिखाया गया।
इस झूठे मुनाफे को देखकर युवक ने अपने कई बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में कुल 17 लाख 57 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए। एप पर उनकाे लगभग दो करोड़ रुपये तक मुनाफा दिखाया गया। उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो पैसे नहीं निकले। कर्ण सिंह को बार-बार मैसेज और कॉल किए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत की और थाने में शिकायत देकर एफआरआई दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना साइबर क्राइम के प्रभारी महेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फ्रॉड में ठग पहले छोटी रकम पर फर्जी मुनाफा दिखाकर विश्वास जीतते हैं और फिर बड़ी राशि हड़प लेते हैं। मामले में शामिल बैंक खातों की जांच की जा रही है और उन्हें सीज करने की कार्रवाई चल रही है।
साथ ही उन्होंने किसी अनजान व्यक्ति या नंबर से आए ट्रेडिंग ऑफर पर भरोसा न करने व निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की सेबी रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करने की सलाह दी है। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत की और थाने में शिकायत देकर एफआरआई दर्ज कराई। पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान साइबर थाना प्रभारी महेश कुमार के नेतृत्व में जांच टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों को ट्रेस कर सीज किया गया। जांच से पता चला कि ये खाते झारखंड के जमशेदपुर जिले के लोहियापुर गांव के दीपक कुमार व राम जनमनगर के रहने वाले जगन्नाथ के नाम पर थे। दोनों पर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप लगा।