फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोडवेज बसों का फिर थमेगा दो दिन पहिया

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुछ दिनों पहले ही 18 दिनों तक हड़ताल पर उतरे रहे हरियाणा रोडवेज कर्मी एक बार फिर बसों का पहिया जाम करने की राह पर उतर आए हैं। इसी के चलते 8 व 9 जनवरी को हरियाणा रोडवेज की बसों का पहिया जाम रहेगा, जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। इस दिन न केवल रोडवेज कर्मी हड़ताल पर रहेंगे बल्कि अन्य विभागों के कर्मी भी हड़ताल कर उनके समर्थन में उतरेंगे। हड़ताल को सफल बनाने के लिए शनिवार को प्रदेश तालमेल कमेटी के वरिष्ठ नेता दलबीर किरमारा, सरबत सिंह पूनिया, सरदार भीम सिंह, सुरेंद्र मलिक कुरुक्षेत्र डिपो पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों के साथ अहम बैठक की।
विज्ञापन

बैठक को संबोधित करते हुए उक्त नेताओं ने कहा कि सरकार की जन व कर्मचारी विरोधी नीतियों के चलते ही रोडवेज कर्मी पिछले दिनों 18 दिन तक हड़ताल करने को मजबूर हुए थे, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई थी। पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट के आदेश पर यूनियन ने हड़ताल वापस ली थी, लेकिन इसके बाद फिर सरकार अपनी तानाशाही नीति पर चली हुई है। अभी भी सरकार 720 निजी बसों को परमिट देने पर अड़ी है तो कर्मचारियों को परेशान करने के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी भी लागू की जा रही है। यहीं नहीं रोडवेज कर्मियों का ओवर टाइम खत्म कर आठ घंटे की ड्यूटी कर दी गई है जबकि उनसे दबाव देकर 14 घंटे तक ड्यूटी ली जा रही है। यहीं नहीं सरकार 365 कर्मियों को नौकरी से निकालने का प्रयास कर रही है। सरकार की ऐसी नीतियों को किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जाएगा और इसका करारा जवाब देने के लिए ही अब 8 व 9 जनवरी को पूर्ण रूप से हड़ताल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस हड़ताल को बढ़ चढ़कर सफल बनाएं। इसके लिए प्रदेश भर में तालमेल कमेटी की चार टीमें कर्मचारियों में जोश भरने में लगी हैं और पूरी रणनीति भी तय कर ली गई है। इस दौरान डिपो प्रधान बलवंत सिंह देशवाल, महासंघ डिपो प्रधान सूरजभान, जयकुमार पिपली, मूलचंद तिगरी, नरेश लाडवा, विनोद, राकेश अमीन व लक्ष्मन सहित अन्य कर्मचारी भी बैठक में शामिल रहे। वहीं तालमेल कमेटी नेताओं ने दावा किया कि दोनों दिन अन्य विभागों के कर्मचारी भी पूरी तरह से हड़ताल पर रहेंगे और यह हड़ताल अब देश व्यापी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें