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Kurukshetra News: केयू के 17 शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट और रिसर्च अवार्ड

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- कुलपति निवास में आयोजित एट होम कार्यक्रम में शोध, शिक्षण और अकादमिक योगदान के लिए किया सम्मानित
- नौ शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट और 10 को रिसर्च अवार्ड, दो शिक्षकों को दोनों सम्मान मिले

संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शिक्षक दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 17 शिक्षकों को शिक्षण, शोध और अकादमिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कुलपति सोमनाथ सचदेवा के निवास में आयोजित एट होम कार्यक्रम में नौ शिक्षकों को लाइफटाइम अचीवमेंट और 10 शिक्षकों को रिसर्च अवार्ड प्रदान किए गए। इनमें डॉ. संजीव अग्रवाल और डॉ. भगवान सिंह चौधरी को दोनों श्रेणियों में सम्मान मिला।

इस दौरान कुलपति ने कहा कि शिक्षक की पहचान उसके ज्ञान, व्यक्तित्व, व्यवहार और विद्यार्थियों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से होती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना के बढ़ते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। विद्यार्थियों को केवल सूचना देने के बजाय उसे ज्ञान और विवेक में बदलने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई विद्यार्थी वर्षों बाद शिक्षक से कहता है कि आपने मेरा जीवन बदल दिया, तो इससे बड़ी उपलब्धि शिक्षक के लिए नहीं हो सकती।
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कुलपति ने कहा कि एसएफएस और पार्ट टाइम शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विश्वविद्यालय काम कर रहा है। अकाउंट कोड की निर्धारित सीमाओं के कारण कुछ दिक्कतें हैं। एसोसिएट प्रोफेसर स्तर की कुछ पदोन्नतियां लंबित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी 15 से 20 दिनों या अधिकतम एक माह में इन मामलों में प्रगति होगी।


शोध के क्षेत्र में इन शिक्षकों को मिला सम्मान

बायोटेक्नोलॉजी के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र शर्मा को बेस्ट रिसर्चर-एच इंडेक्स, यूआईईटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल अहलावत को पेटेंट, रसायन विज्ञान की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. नीरा राघव को बेस्ट रिसर्चर-इंपैक्ट फैक्टर और फिजिक्स के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को बेस्ट रिसर्चर-पब्लिकेशन (विज्ञान) अवार्ड दिया गया।

अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. अर्चना चौधरी को बेस्ट रिसर्चर-पब्लिकेशन (नॉन-साइंसेज), फिजिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमन मेहंदिया को बेस्ट रिसर्चर-प्रोजेक्ट्स (साइंसेज) और यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय सोलखे को बेस्ट रिसर्चर-प्रोजेक्ट्स (नॉन-साइंसेज) के लिए सम्मानित किया गया। जियोफिजिक्स विभाग के डॉ. भगवान सिंह चौधरी, डॉ. मनीषा संधु और डॉ. आर.बी.एस. यादव को कंसल्टेंसी (साइंसेज) तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार को बेस्ट रिसर्चर-कोलेबोरेशन अवार्ड मिला।


कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशंस विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार को 35 वर्ष से अधिक के शिक्षण, शोध, अकादमिक प्रशासन और संस्थागत विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल को 28 वर्ष से अधिक की सेवा, शोध और अकादमिक नेतृत्व के लिए सम्मान मिला। भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. ए.आर. चौधरी को 33 वर्ष से अधिक की सेवाओं और पर्यटन एवं होटल प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मोहिंदर चंद को 33 वर्ष से अधिक के शिक्षण, शोध, प्रशासन और प्रबंधन के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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भूभौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. भगवान सिंह चौधरी को 22 वर्ष से अधिक की सेवा, अकादमिक उपलब्धियों और नेतृत्व तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह को 28 वर्ष से अधिक के शिक्षण, शोध और प्रशासन में योगदान के लिए सम्मान मिला। आईआईएचएस के गणित विभाग की प्रोफेसर डॉ. निरुपमा को शोध, शिक्षण, मार्गदर्शन और सामुदायिक सेवा तथा बायोकेमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर एवं इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च की प्राचार्य डॉ. अनिता रानी दुआ को 31 वर्ष से अधिक की सेवा, शोध और अकादमिक नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया। इलेक्ट्रॉनिक साइंस विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सुरेश कुमार को 29 वर्ष से अधिक के शिक्षण, शोध और प्रशासन में योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया।
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