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प्रशासकीय भवन के निर्माण में देरी पर भड़के डीआरएम

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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन के निर्माण में देरी पर डीआरएम सुखमल चंद्र जैन ने नाराजगी जाहिर करते हुए अफसरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहाकि जो काम एक साल में पूरा हो जाना चािहए था, वह अभी तक लटका पड़ा है। सितंबर तक इसका निर्माण पूरा नहीं किया गया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। उन्होंने इस सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।


शनिवार को रेलवे के डिवीजनल मैनेजर (डीआरएम) सुखमल चंद्र जैन अन्य अधिकारियों के साथ स्पेशल ट्रेन से कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनकी अगुवानी करने के लिए स्टेशन अधीक्षक एसएन गुप्ता समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। इससे पूर्व डीआरएम ने मोहड़ी स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। इसके बाद वो यहां अपनी स्टेशन ट्रेन से दोपहर 12.30 बजे कुरुक्षेत्र जंक्शन पर पहुंचे। उनके साथ अतिरिक्त मंडल प्रबंधक राजीव धनखड़, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील बेनीवाल, इलेक्ट्रिक, इंजीनियरिंग और मेकेनिकल विंग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।
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डीआरएम ने कुरुक्षेत्र स्टेशन पर निर्माणाधीन भवन के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस भवन का निर्माण कार्य मार्च 2018 में शुरू हुआ था। निर्माण कार्य में देरी पर उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय अधिकारियों को फटकार लगाई। इस दौरान उन्होंने प्लेटफार्म के आसपास तथा स्टेशन परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने साफ-सफाई पर संतोष जताते हुए स्टेशन अधीक्षक एसएन गुप्ता की पीठ थपथपाई। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के अधीक्षक एसएन गुप्ता ने कहा कि लगभग 10 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन प्रशासनिक भवन में बुकिंग और पूछतांछ काउंटर होंगे। इसके अलावा प्रथम तल पर डोरमेट्री, रिटायरिंग रूम तथा वेटिंग रूम होगा। इस दौरान उन्होंने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों के साथ बीस मिनट तक एक बैठक भी की। बैठक समाप्त कर अन्य अधिकारियों के साथ दोपहर 1.30 बजे अपनी स्पेशल ट्रेन से दिल्ली रवाना हो गए।
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स्टेशन पर एस्केलेटर लगाना भूले अधिकारी
कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) लगाने पर शनिवार को डीआरएम के दौरे पर कोई चर्चा तक नहीं हुई। जबकि 15 माह पहले इसके लिए रेलवे डेढ़ करोड़ रुपये का इस्टीमेट भी पास कर चुका है। मालूम हो कि कुरुक्षेत्र जंक्शन पर रोजाना देश भर से तमाम श्रद्घालु आते हैं। धार्मिक नगरी होने के कारण साल भर यहां तीर्थयात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा शैक्षणिक गतिविधियाें की वजह से प्रदेश भर के विद्यार्थियों का भी यहां आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में पूर्व डीआरएम विश्वेश्वर चौबे ने 16 फरवरी 2018 को यहां स्वचालित सीढ़ियां तथा दो फुट ओवरब्रिज पर एस्केलेटर लगाने पर चर्चा हुई थी। इसके लिए एक पर 60 लाख और दो फुट ओवरब्रिज पर एस्केलेटर लगाने पर एक करोड़ 20 लाख रुपये की राशि के साथ अन्य खर्चों समेत डेढ़ करोड़ का इस्टीमेट भी बनाया गया था। छह माह तक एस्केलेटर लगाने का वादा किया गया था। लेकिन 15 माह बाद भी स्वचालित सीढ़ियां नहीं लग सकीं। शनिवार के निरीक्षण के दौरान मौजूदा डीआरएम ने एस्केलेटर को लेकर चर्चा तक नहीं की।
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