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विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान समाज के बीच, समाज के सहयोग से, समाज के लिए कार्य करने वाली संस्था : दतात्रेय

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पुरानी परंपराओं को शिक्षा से जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना लक्ष्य
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- विद्या भारती की अखिल भारतीय बैठक में आरएसएस के दत्तातेय होसबोले का उद्बोधन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि विद्या भारती समाज के बीच, समाज के सहयोग से, समाज के लिए कार्य करने वाली संस्था है। उन्होंने बताया कि अध्ययन व शोध के कार्यों पर बल देकर नए ज्ञान का सृजन करके पुरानी परंपराओं से जोड़कर नई पीढ़ी में स्थानांतरित करना ही हमारा लक्ष्य हो। राष्ट्र का नव निर्माण करने के लिए छात्रों में शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करें।


रविवार को गीता निकेतन आवासीय विद्यालय परिसर में आयोजित विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की साधारण सभा के समापन के मौके पर अपने उद्बोधन में उन्होंने यह विचार व्यक्त किए। इस दौरान विद्या भारती के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गोविंद प्रसाद ने विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की मोबाइल एप का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने नौ वर्षों के कार्यकाल के अनुभव को सांझा करते हुए बताया कि शिक्षा जगत में विद्या भारती का एक विशेष स्थान है। जब भी कभी कोई शिक्षा के बारे में लिखेगा तो वो लेख विद्या भारती के शिक्षा संबंधी विचारों का समावेश करके ही पूर्ण होगा। शिक्षा मानव जीवन को दिशा देती है शिक्षा का केंद्र बिंदु राष्ट्र हो।
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अखिल भारतीय सह मंत्री डॉ. मधुश्रीसंजीव सावजी ने काउंसिलिंग पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि छात्रों के मस्तिष्क में भावनाओं का सृजन करते हुए उनका विकास करना एक शास्त्र है। अगर जीवन को सफल बनाना है तो शिक्षण की प्रक्रिया 80 प्रतिशत भावनाओं तथा 200 प्रतिशत बुद्धिमता पर आधारित हो। आचार्यों को इस तरह दक्ष किया जाए कि वो छात्रों की समय-समय पर काउंसिलिंग करके उन्हें उन्नति के शिखर पर ले जाएं। संस्थान के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सीखना, सिखाना जीवन पर्यन्त चलने वाली प्रक्रिया है।
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आचार्यों को दक्ष करते हुए वैश्विक अभिरुचि को अपनाकर, मूलभूत विषयों पर बल देते हुए अपना लक्ष्य निर्धारित करें, जिससे युवाओं में बढ़ते आक्रोश को कम किया जा सके। छात्रों को सूचनाओं की जानकारी न देकर जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करते हुए उनका कौशल विकास करें ताकि वो समाज के सामने अपना आदर्श प्रस्तुत कर सकें।
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